भिलाई: छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर में एमपीईबी चौक के पास दुकान लगाने को लेकर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया। घटना में तीन लोगों द्वारा एक दुकानदार की कथित पिटाई का मामला सामने आया है। आरोप है कि मारपीट करने वालों में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े एक स्थानीय नेता भी शामिल हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला जामुल थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, रूखडनाथ मंदिर के समीप नारियल और मिठाई की दुकान संचालित करने वाले रामगिरी गोस्वामी ने आरोप लगाया कि 12 फरवरी की शाम जब वे दुकान बंद कर रहे थे, तभी चंद्रहाश गिरी गोस्वामी अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे।
रामगिरी के मुताबिक, चंद्रहाश ने 16 फरवरी को आयोजित होने वाले रुद्र महायज्ञ का हवाला देते हुए दुकान हटाने की बात कही। इस दौरान दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। दुकानदार का आरोप है कि उन्होंने महाशिवरात्रि मेले के बाद दुकान पीछे करने की बात कही, लेकिन इसी मुद्दे पर बहस बढ़ गई। रामगिरी का कहना है कि विवाद के दौरान चंद्रहाश के साथ मौजूद लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ने साइकिल में हवा भरने वाले पंप से उन पर हमला किया, जिससे उन्हें चोटें आईं। घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई और मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। वहीं, चंद्रहाश गिरी गोस्वामी ने लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।
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उनका कहना है कि महायज्ञ के आयोजन और संभावित भीड़ को देखते हुए दुकानदार से केवल दुकान पीछे लगाने का अनुरोध किया गया था। चंद्रहाश के अनुसार, इसी दौरान रामगिरी ने कथित रूप से गाली-गलौज की और हाथापाई शुरू कर दी। उन्होंने दावा किया कि इस झड़प में उन्हें भी चोटें आई हैं और उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। वीडियो में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति साफ नजर आ रही है। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता और घटनाक्रम की पूरी सच्चाई की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहां कुछ लोग कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, तो कुछ निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जामुल पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। स्थानीय स्तर पर यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। व्यापारियों और क्षेत्रीय नागरिकों ने सार्वजनिक स्थानों पर विवादों को लेकर चिंता जताई है। कई लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों और व्यवसायिक गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रशासन को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे विवादों से बचा जा सके।
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