जानें महाशिवरात्रि पर क्या-क्या करना चाहिए दान-पुण्य

जानें महाशिवरात्रि पर क्या-क्या करना चाहिए दान-पुण्य

महाशिवरात्रि का पावन पर्व शिव और शक्ति के मिलन का उत्सव है. इस साल महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी जिसकी तिथि 15 फरवरी को शाम 05:04 बजे से शुरू होगी और 16 फरवरी को शाम 05:34 बजे समाप्त होगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पूजा-अर्चना के साथ-साथ दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है. सही वस्तु का दान न सिर्फ पापों का नाश करता है, बल्कि जीवन में समृद्धि और शांति भी लाता है. आइए जानते हैं कि इस महापर्व पर किन चीजों का दान करना आपके लिए सबसे अधिक फलदायी और श्रेष्ठ रहने वाला है.

महाशिवरात्रि पर अन्न का दान करना महादान माना गया है. इस दिन किसी भूखे या जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना या कच्चा अनाज जैसे चावल और चीनी दान करना अत्यंत शुभ होता है. महादेव को सफेद रंग बहुत प्रिय है इसलिए दूध, दही या घी जैसी सफेद खाद्य वस्तुओं का दान करना आपके जीवन में शीतलता और सुख का संचार करता है. यह दान आपके मन को शांत रखने और चंद्रमा की स्थिति को मजबूत करने में सहायक होता है. श्रद्धा के साथ किया गया अन्न दान घर में कभी बरकत की कमी नहीं होने देता और पुण्य फल को बढ़ाता है.

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वस्त्र और सुहाग सामग्री के दान का महत्व:- गरीबों को वस्त्र दान करना महाशिवरात्रि के दिन बहुत फलदायी माना जाता है. इस दिन किसी जरूरतमंद को सफेद या पीले रंग के स्वच्छ वस्त्र भेंट करें. इसके साथ ही, महाशिवरात्रि शिव और मां पार्वती के विवाह का उत्सव है इसलिए विवाहित महिलाओं को सुहाग की सामग्री जैसे लाल चुनरी, चूड़ियां और सिंदूर का दान करना चाहिए. यह दान वैवाहिक जीवन में मधुरता लाने और सुख-शांति बनाए रखने के लिए बहुत प्रभावशाली माना जाता है. दूसरों की सहायता करने और उन्हें खुशियां देने से महादेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन की बाधाएं दूर होती है.

तिल और गुड़ के दान से मिलती है सफलता:- आर्थिक और मानसिक कष्टों से मुक्ति के लिए महाशिवरात्रि पर काले तिल और गुड़ का दान करना बहुत लाभकारी सिद्ध होता है. काले तिल का दान करने से पुराने रुके हुए कार्यों में गति मिलती है और जीवन में स्थिरता आती है. गुड़ और घी का दान शरीर को आरोग्य प्रदान करता है और आत्मविश्वास में वृद्धि करता है. यदि आप मंदिर में जाकर इन सामग्रियों का गुप्त दान करते हैं, तो इसका फल और भी अधिक बढ़ जाता है. यह क्रिया आपके आसपास की नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने और सकारात्मकता का संचालन करने में मदद करती है, जिससे सफलता की राह आसान हो जाती है.

दान की सही विधि और मन का भाव:- दान करते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि आपके मन में किसी प्रकार का अहंकार न हो. निस्वार्थ भाव से किया गया छोटा सा दान भी महादेव की नजर में बहुत कीमती होता है. महाशिवरात्रि के दिन सुबह पूजा के बाद या प्रदोष काल में दान करना सबसे श्रेष्ठ रहता है. दान करने से पहले उसे महादेव के चरणों में मानसिक रूप से समर्पित करें और फिर जरूरतमंद को दें. यह ध्यान रहे कि दी जाने वाली वस्तु साफ और उपयोगी हो. सच्ची श्रद्धा और सेवा भाव से किया गया दान आपके जीवन में खुशहाली लाता है और सभी कष्टों से मुक्ति देता है.










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