सुकमा : जिला सुकमा में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नक्सल मुक्त बस्तर के संकल्प को परिणीत करने के उद्देश्य से लगातार नक्सल विरोधी अभियान संचालित किया जा रहा है जिससे माओवादी संगठन समाप्ति की ओर है एवं विकासात्मक कार्य सुदूर वनांचल क्षेत्र में पहुंचाया जा रहा है साथ ही छत्तीसगढ़ शासन की “छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति" प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सुकमा पुलिस द्वारा “पूना मारगेम" पुनर्वास से पुनर्जीवन अभियान संचालित किया जा रहा है। जिससे प्रभावित होकर तथा अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव से माओवादी संगठन में सक्रिय 01 महिला सहित 22 माओवादियों के द्वारा समाज की मुख्यधारा जुड़ने के उद्देश्य से आज मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला सुकमा में पुलिस अधीक्षक जिला सुकमा किरण चव्हाण (IPS), एस अरूल कुमार, डीआईजी सीआरपीएफ रेंज जगदलपुर, रोहित शाह (IPS), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुकमा, अभिषेक वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुकमा, अमरजीत कुमार गुप्ता, उप कमांडेन्ट सूचना शाखा रेंज फिल्ड टीम जगदलपुर,मनीष रात्रे, उप पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुकमा, रविकांत सहारे, उप पुलिस अधीक्षक विआशा. एवं सुखविंदर सिंह, सहायक कमाण्डेन्ट 223 वाहिनी सीआरपीएफ, अजीत कुमार, सहायक कमाण्डेन्ट 02 री वाहिनी सीआरपीएफ के समक्ष आत्मसमर्पण किया गया। उपरोक्त सभी आत्मसमर्पित माओवादियों को शासन के पुनर्वास नीति “छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति -2025" के तहत् प्रत्येक को 50-50 हजार रूपये के मान से प्रोत्साहन राशि, एवं अन्य सुविधायें प्रदान करायें जायेंगे।
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