टी20 विश्व कप 2026 में 2 बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया टीम के साथ 'खेला' हो गया है. ग्रुप स्टेज में उसने 4 मैच खेले, जिनमें से 2 जीते और 2 हारे. अपने चौथे मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ उसे जीत की उम्मीद थी, लेकिन लंका टीम ने पल्लेकेले स्टेडियम में 182 रन चेज करके उसे बड़ा झटका दिया.
श्रीलंका की यह ऐतिहासिक जीत रही, जिसने ऑस्ट्रेलिया की सुपर 8 में डायरेक्ट एंट्री पर रोक लगा दी. अब कंगारू टीम सुपर 8 में जाने के लिए दूसरी टीमों के नतीजों पर डिपेंड हो चुकी है और उसे चमत्कार की उम्मीद है. श्रीलंका के खिलाफ मिली करारी हार के बाद कंगारू टीम के कप्तान मिचेल मार्श ने खुद कहा कि वो अब भगवान के भरोसे हैं.
हार के बाद क्या बोले मार्श?
ऑस्ट्रेलिया ने 181 रनों का टारगेट दिया था, जिसे श्रीलंका ने सिर्फ 2 विकेट खोकर 18 ओवर में हासिल कर लिया. हार के बाद ऑस्ट्रेलिया कप्तान मिचेल मार्श ने कहा कि, "मुझे लगा कि हमने जो स्कोर बनाया, वो एक कॉम्पिटिटिव टोटल था, लेकिन जिस तरह से हम मैच हारे उसके बाद सिर्फ निराशा महसूस हो रही है. श्रीलंका ने अच्छा खेला, उन्होंने हमें हरा दिया. हम जानते हैं कि हम अपना बेस्ट देकर बड़ा स्कोर बना सकते हैं."
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अब हम भगवान भरोसे- मार्श
ऑस्ट्रेलिया कप्तान ने स्वीकार किया कि पहले विकेट के लिए 104 रनों की साझेदारी के बाद टीम ने जल्दी-जल्दी विकेट खोए, जिसका खामियाजा भुगतना पड़ा. मार्श ने कहा, "आखिर में हमने विकेट जल्दी-जल्दी गंवा दिए. हम अंत में पार्टनरशिप नहीं कर पाए और उन्होंने अच्छी बॉलिंग की. श्रीलंका ने हमें हरा दिया, इसके अलावा कहने को ज्यादा कुछ नहीं है. हमारी टीम अच्छा नहीं खेली. अब हम भगवान भरोसे हैं. हम अपना बेस्ट नहीं दे पाए हैं. हम जिम्बाब्वे-आयरलैंड के मैच को उम्मीद से देख रहे हैं, लेकिन हम इस हार से निराश हैं."
क्यों भगवान भरोसे है ऑस्ट्रेलिया की टीम?
अब सवाल ये है कि आखिर क्यों कप्तान ने भगवान भरोसे होने की बात कही है? दरअसल, कंगारू टीम को अगर सुपर 8 में जगह चाहिए तो उसे भगवान के भरोसे ही रहना है. वो खुद तो कुछ नहीं कर सकती. ऐसा इसलिए क्योंकि ग्रुप स्टेज में उसने चार मैच खेल लिए हैं, जिनमें से 2 हारे और 2 जीते. उसके पास ग्रुप बी में सिर्फ 4 अंक हैं और वह नंबर 3 की पोजीशन पर है, जबकि इस ग्रुप से टॉप 2 टीमें सुपर 8 में एंट्री करेंगी.
ऑस्ट्रेलिया को आखिरी मैच जीतना जरूरी
ऑस्ट्रेलिया का आखिरी ग्रुप स्टेज मुकाबला 20 फरवरी को ओमान से होगा. अगर वो आखिरी मैच जीत भी लेती है तो उसके पास कुल 6 अंक हो जाएंगे. इसके बाद भी उसे दूसरी टीमों के नतीजों पर डिपेंड रहना है. कंगारू टीम भगवान भरोसे यह उम्मीद करेगी कि जिम्बाब्वे अपने बचे हुए मैच आयरलैंड और श्रीलंका के खिलाफ हारे, क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ तो ऑस्ट्रेलिया का सफर यहीं खत्म हो जाएगा.
ऐसे सुपर 8 में एंट्री कर सकती है ऑस्ट्रेलिया
समीकरण समझें तो जिम्बाब्वे फिलहाल 2 मैचों में 4 अंक के साथ नंबर 2 पर काबिज है. उसके 2 मैच बचे हुए हैं. अगर उसने दोनों जीत लिए तो वह श्रीलंका के साथ सुपर 8 में एंट्री कर लेगा. एक मैच हारने पर भी उसके सुपर 8 में जाने के चांस हैं. वहीं ऑस्ट्रेलिया को तभी सुपर 8 में एंट्री मिल सकती है, जब वो अपना आखिरी ग्रुप स्टेज मैच ओमान के खिलाफ बड़े अंतर से जीते और जिम्बाब्वे अपने बचे हुए दोनों मैच हार जाए. ऐसी स्थिति में दोनों टीमों के अंक बराबर हो सकते हैं और फिर नेट रन रेट के आधार पर कंगारू टीम की किस्मत चमक सकती है. यही वजह है कि ऑस्ट्रेलिया अब सिर्फ भगवान भरोसे बैठी है.
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