इस तरीके से करें शिमला मिर्च की खेती,और पाएं भरपूर उत्पादन

इस तरीके से करें शिमला मिर्च की खेती,और पाएं भरपूर उत्पादन

अगर आप किसान है और ऐसी फसल की तलाश में है, जो सर्दियों के मौसम में तगड़ी इनकम करा सकें. ऐसे में शिमला मिर्च आपके लिए सही विकल्प है, क्योंकि इसकी बाजार में सालभर मांग बनी रहती है और सही तकनीक अपनाने पर इससे अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. शिमला मिर्च की खेती मुख्य रूप से रबी और खरीफ दोनों मौसमों में की जाती है, जिसका किसानों को बड़ा मुनाफा हो सकता है.

खेती का उपयुक्त मौसम और समय

अगर आप शिमला मिर्च की खेती करने की सोच रहे हैं, तो इस फसल के लिए फरवरी-मार्च और जून-जुलाई को सबसे उपयुक्त समय माना जाता है. यानी की मैदानी इलाकों में किसान दो अलग-अलग समय पर इसकी रोपाई कर सकते हैं और तगड़ी कमाई अर्जित कर सकते हैं. साथ ही शिमला मिर्च एक ऐसी सब्जी है जिसकी मांग पूरे साल बनी रहती है, लेकिन सर्दियों में इसकी गुणवत्ता और स्वाद बेहतर हो जाता है. यही वजह है कि इस मौसम में इसके दाम बाजार में अच्छे मिलते हैं.

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सिंचाई और देखभाल

अगर आप शिमला मिर्च की खेती कर रहे हैं, तो इस बात का विशेष रुप से ख्याल रखें कि इस फसल को नियमित सिंचाई की आवश्यकता होती है, लेकिन अधिक पानी नुकसानदायक हो सकता है.

  • शुरुआती अवस्था में फसल की हल्की-हल्की सिंचाई करें.

  • फूल और फल बनने के समय मिट्टी में नमी बनाए रखना जरूरी है.

  • साथ ही समय-समय पर निराई-गुड़ाई करते रहें, ताकि खरपतवार नियंत्रण में रहे हैं और पौधों की बढ़वार तेजी से हो.

फसल अवधि और तुड़ाई

शिमला मिर्च की फसल जल्दी तैयार होने वाली फसलों में शामिल होने फसलों में से एक है, जिसकी रोपाई किसान लगभग 60 से 75 दिनों बाद ही फल की तुड़ाई करना शुरू कर सकते हैं. साथ ही समय पर तुड़ाई करते रहें, ताकि पौधों पर नए फूल और फल आते रहते हैं, जिससे कुल उत्पादन में बढ़ोतरी होना शुरु हो जाए. इसके अलावा किसान इस फसल से करीब 3 महीने तक लगातार उपज प्राप्त कर बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं.

कितना होगा मुनाफा?

किसान भाई अगर मल्च विधि से शिमला मिर्च की खेती करते हैं, तो बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं. साथ ही इस तकनीक से जिसमें खेत की मेड़ बनाकर उस पर प्लास्टिक मल्च बिछाई जाती है. इससे नमी बनी रहती है और किसान अगर इस तकनीक से शिमला मिर्च की खेती करते हैं, तो वह खरपतवार पर भी नियत्रंण कर सकते हैं, क्योंकि मल्च विधि में खरपतवार कम उगते हैं और पौधों की ग्रोथ बेहतर होती है. अगर मुनाफे की बात करें तो इस प्रकार है-

  • प्रति बीघा लागत: 20 से 25 हजार रुपये होती है.

  • प्रति बीघा मुनाफा: किसान करीबन 1 से 5 लाख रुपये तक कमा सकते हैं.

  • अगर बाजार में रेट अच्छा मिला, तो किसान भाई मुनाफा इससे भी ज्यादा कमा सकते हैं.










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