नई दिल्ली : तमिलनाडु की सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने अप्रैल-मई में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (DMDK) के साथ गठबंधन कर लिया है। गठबंधन का यह फैसला विपक्षी खेमे में सेंध लगाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
स्टालिन की पार्टी ने DMDK का गठबंधन
DMDK प्रमुख प्रेमलता विजयकांत ने गुरुवार सुबह चेन्नई स्थित मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के आवास पर मुलाकात की। मुलाकात के तुरंत बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर गठबंधन की आधिकारिक जानकारी दी।
उन्होंने स्टालिन के साथ ली गई फोटो शेयर करते हुए लिखा, 'आइए हम गवर्नेंस के द्रविड़ मॉडल को जारी रखने और तमिलनाडु को हर तरह से प्रोग्रेस करने के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ें!'प्रेमलता ने आगे कहा, 'हमें यकीन है कि हमारा अलायंस 200 से ज्यादा सीटें जीतेगा। उन्होंने साफ किया कि सीट बंटवारे का फॉर्मूला बाद में घोषित किया जाएगा।'
स्टालिन ने किया स्वागत
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने DMDK का स्वागत किया। उन्होंने पार्टी के संस्थापक 'कैप्टन' विजयकांत को श्रद्धांजलि भी दी।
प्रेमलता विजयकांत ने अपने दिवंगत पति का जिक्र करते हुए कहा, 'हमारे कैडर भी यही चाहते थे। यह तब बन जाना चाहिए था जब कैप्टन विजयकांत जिंदा थे।'
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DMDK का वोट बैंक
यह गठबंधन DMK के लिए बड़ी रणनीतिक जीत साबित हो सकता है क्योंकि DMDK पिछले 15 साल से AIADMK के साथ जुड़ी हुई थी।
मध्य तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली, पुदुक्कोट्टई, विरुधाचलम, ऋषिवंदियम, कल्लाकुरिची और उलुंदुरपेट जैसे इलाकों में DMDK का मजबूत जनाधार है।
2011 में पार्टी ने 29 सीटें और 7.9 प्रतिशत वोट हासिल किए थे, लेकिन 2016 और 2021 में उसे एक भी सीट नहीं मिली।
कैप्टन विजयकांत के निधन के बावजूद ग्रामीण इलाकों में उनकी लोकप्रियता बरकरार है। इस गठबंधन से DMK का वोट बैंक मजबूत होगा और AIADMK के वोटों में सेंध लगेगी।
AIADMK ने की आलोचना
AIADMK ने इस गठबंधन की कड़ी आलोचना की है। पूर्व लोकसभा सांसद और चार बार के विधायक एस सेम्मालाई ने कहा, विजयकांत की आत्मा इस फैसले को माफ नहीं करेगी।'
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