दंतेवाड़ा : बचेली पुलिस महज कानून-व्यवस्था की रक्षक नहीं, बल्कि संवेदनाओं की सच्ची प्रहरी भी है। इसका जीवंत उदाहरण बचेली पुलिस ने प्रस्तुत किया, जब उन्होंने मानसिक रूप से अस्वस्थ और गुमशुदा 20 वर्षीय युवती बसंती निषाद को न केवल इलाज दिलाया, बल्कि स्वयं उनके गृह ग्राम पहुंचाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।18 फरवरी 2026 को पेट्रोलिंग के दौरान सहायक उप निरीक्षक गोवर्धन निर्मलकर को लेबर हाटमेंट क्षेत्र में एक युवती तेज बुखार और असहाय हालत में मिली। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाकर उपचार कराया गया। युवती मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण अपना पता या परिचय नहीं बता पा रही थीं।
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थाना प्रभारी निरीक्षक प्रहलाद कुमार साहू के निर्देशन में पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए स्थानीय बाजार, सरहदी थानों, अन्य जिलों में संपर्क और सोशल मीडिया के माध्यम से पहचान की कोशिशें तेज कीं। निरंतर प्रयासों से युवती की पहचान जगदलपुर के नानगुर ठोठापारा निवासी बसंती निषाद के रूप में हुई।परिजनों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से वे बचेली नहीं आ सके। ऐसे में बचेली पुलिस ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए एनएमडीसी बचेली के अधिकारी सौरभ कुमार के सहयोग से वाहन की व्यवस्था की और खुद युवती को उनके घर सुरक्षित पहुंचाकर माता-पिता को सौंप दिया।
इस सराहनीय कार्य में निरीक्षक प्रहलाद कुमार साहू, सहायक उप निरीक्षक गोवर्धन निर्मलकर, ज्योति बंजारे, महिला प्रधान आरक्षक संतोषी ध्रुव, महिला आरक्षक उषा सिंह, मीनाक्षी ध्रुव एवं जया पॉल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।बचेली पुलिस की यह पहल न केवल कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल है, बल्कि संवेदनशीलता, मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का भी उत्कृष्ट उदाहरण बनी है—जिसने जनता का पुलिस पर विश्वास और सम्मान और मजबूत किया है।
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