धमतरी: जिले के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है. यहां जल्द ही नया सैनिक स्कूल खुल सकता है. लोक शिक्षण संचालनालय ने इसके लिए अपनी प्रारंभिक सहमति दे दी है. धमतरी कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने 13 फरवरी 2026 को प्रस्ताव भेजा था. इस पर सहमति मिल गई है.
जमीन उपलब्ध, सैनिक परिवार की संख्या भी अधिक
17 फरवरी को लोक शिक्षण संचालनालय ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र लिखा था. इस पत्र में बताया कि धमतरी में जमीन उपलब्ध है और यहां बड़ी संख्या में सैनिक परिवार भी रहते हैं. इन्हीं को आधार मानते हुए सैनिक स्कूल खोलने की प्रारंभिक सहमति दी गई है.
ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी -हिंदुओं ने हिंदुत्व का मोल समझ लिया है
आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
प्रारंभिक सहमति के बाद प्रस्ताव स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव के पास जाएगा. वहां से इसे अंतिम स्वीकृति के लिए रक्षा मंत्रालय को भेजा जाएगा. सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद सैनिक स्कूल की स्थापना का मार्ग साफ होगा.
धमतरी में हजारों परिवार ऐसे हैं जो सेना, अर्धसैनिक बल और पुलिस से जुड़े हैं. जिले में करीब 5 हजार से अधिक परिवार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रक्षा सेवाओं से जुड़े हुए हैं. हाल ही में अग्निवीर भर्ती में धमतरी के 250 युवाओं का मेरिट सूची में चयन हुआ है.- अबिनाश मिश्रा, कलेक्टर

छत्तीसगढ़ में अभी सिर्फ एक सैनिक स्कूल
फिलहाल छत्तीसगढ़ में केवल एक ही सैनिक स्कूल है, जो अंबिकापुर में स्थित है. इसके कारण छात्रों को पढ़ाई के लिए नागपुर और अन्य राज्यों में जाना पड़ता है. धमतरी में स्कूल खुलने से स्थानीय छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी.
युवाओं में देश सेवा का जुनून, रोजगार भी बढ़ेगा
धमतरी में लगभग 12 सैन्य प्रशिक्षण अकादमियां संचालित हो रही हैं, जहां रोजाना 6 हजार से अधिक बच्चे सेना में जाने की तैयारी करते हैं. सैनिक स्कूल खुलने से उन्हें बेहतर और व्यवस्थित शिक्षा व प्रशिक्षण मिलेगा. सैनिक स्कूल खुलने से जिले में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. साथ ही विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व और देशभक्ति की भावना मजबूती होगी.
.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)

Comments