मुंबई : कुछ जोड़ियां जब साथ आती हैं, तो कमाल करती हैं। फिल्मकार एसएस राजामौली और सिनेमैटोग्राफर के.के सेंथिल कुमार की जोड़ी ने भी बाहुबली: द बिगनिंग, बाहुबली 2: द कॉन्क्लूजन, आरआरआर कई फिल्मों में साथ काम किया है।
सेंथिल का मानना है कि रिश्ता अच्छा चले इसलिए जोड़ियों को ब्रेक भी जरूरी होता है। यही कारण है कि वह राजामौली की आगामी फिल्म वाराणसी का हिस्सा नहीं हैं। सेंथिल कहते हैं कि ऐसा नहीं है कि मैं वाराणसी का हिस्सा नहीं बनना चाहता था लेकिन हमने हमेशा काम के बाद बीच में ब्रेक लिया है।
वाराणसी में काम न करने पर बोले सेंथिल
लगातार साथ काम नहीं किया। ब्रेक अच्छे होते हैं, ताकि रिश्ता लंबे समय तक चले। वाराणसी का टीजर मैंने देखा है, राजामौली कैसे विजुअलाइज करते हैं, मुझे पता है। वह अनोखी फिल्म होगी। मैं उस दौरान स्वयंभू फिल्म कर रहा था।
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अपकमिंग फिल्म स्वयंभू पर काम कर रहे सेंथिल
आरआरआर और बाहुबली जैसी लार्जर दैन लाइफ फिल्में शूट करने का अनुभव अब ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी स्वयंभू फिल्म में कितना काम आ रहा है? इस पर सेंथिल कहते हैं कि अनुभव तो वाकई काम आता है। मैंने मगधीरा से पहले यमोडोंगा फिल्म शूट की थी। कभी इतने बड़े स्केल वाली फिल्म शूट नहीं की थी।
सेंथिल कुमार की सबसे चैलेंजिंग शूटिंग
हैदराबाद में रामोजी फिल्म सिटी में बीएसएफ 3, जो उस दौरान एशिया का सबसे बड़ा फ्लोर माना जाता था, उसकी लाइटिंग करना मेरे लिए चुनौतीपूर्ण था। ऊपर जो लाइट लगाई थी, उसकी रोशनी नीचे तक आते-आते गायब हो जाती थी। समझ नहीं आ रहा था कि कितना लाइटें मंगानी हैं। कई रातों सोया नहीं था। मौका मिला था, लेकिन पता नहीं था, कैसे काम करना है। अब इतनी फिल्में करने के बाद पता है कि हर फिल्म कर लूंगा।
अपना स्टाइल नहीं थोपते हैं सेंथिल
मगधीरा, बाहुबली, आरआरआर फिल्मों ने मुझे अपने काम को समझने में मदद की। हालांकि, हर फिल्म अनोखी होती है, जो एक फिल्म में किया है, वह दूसरी में नहीं कर सकते हैं। मैं किसी फिल्म में अपना स्टाइल नहीं थोपना चाहता हूं। कहानी को सही तरह से कहेंगे, तो अपने आप वह अलग लगेगी।
नहीं बन पाई सेंथिल की हिंदी फिल्म
पिछले 20-22 साल से इसी अप्रोच के साथ काम कर रहा हूं। पैन इंडिया फिल्में करने के बाद हिंदी इंडस्ट्री में काम करने को लेकर आगे सेंथिल कहते हैं कि मैं हिंदी सिनेमा देखते हुए बड़ा हुआ हूं। मेरे पिताजी आर्मी में थे, तो कई जगहों पर रहा हूं। अमिताभ बच्चन, जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, गोविंदा, शाह रुख खान, सलमान खान सर की फिल्में देखी हैं।
मैं एक हिंदी फिल्म पर काम भी कर रहा था, लेकिन कुछ नियम और शर्तों के चलते वह काम आगे नहीं बढ़ा। मैं किस्मत में यकीन करता हूं, वो जहां ले जाए। मैंने तो कभी सोचा भी नहीं था कि तेलुगु सिनेमा करने के बाद मैं ऑस्कर अवॉर्ड का ज्यूरी मेंबर बन जाऊंगा। मैं खुद को हर जगह काम करने के लिए तैयार रखा है। जिस भाषा में अच्छी फिल्में बन रही हैं, लोग उसे देख रहे हैं।
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