वैदिक ज्योतिष शास्त्र में कुल 27 नक्षत्रों का जिक्र मिलता है। हम में से हर किसी का जन्म किसी न किसी विशेष नक्षत्र में होता है। यह नक्षत्र हमारे स्वभाव, व्यक्तित्व और आने वाले भविष्य की कहानी तय करता है। इन्हीं 27 नक्षत्रों में से 17वां नक्षत्र है- अनुराधा नक्षत्र।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले बच्चों को बहुत ही भाग्यशाली माना जाता है। आइए जानते हैं कि अनुराधा नक्षत्र में जन्मे लोगों में ऐसी क्या खास बात होती है जो इन्हें दूसरों से अलग बनाती है।
शनि और मंगल का अद्भुत संगम
अनुराधा नक्षत्र के स्वामी न्याय के देवता 'शनि देव' (Shani Dev) हैं। वहीं, यह नक्षत्र वृश्चिक राशि (Scorpio) के अंतर्गत आता है, और वृश्चिक राशि के स्वामी 'मंगल देव' (Mangal Dev) हैं। यानी इस नक्षत्र में जन्म लेने वालों पर शनि की मेहनत और मंगल की ऊर्जा, दोनों का गहरा प्रभाव होता है। मंगल इन्हें निडर और साहसी बनाता है, जबकि शनि इन्हें जीवन में अनुशासन और धैर्य सिखाते हैं।
ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी -हिंदुओं ने हिंदुत्व का मोल समझ लिया है
स्वभाव से होते हैं सच्चे और भरोसेमंद
ज्योतिष के अनुसार, अनुराधा नक्षत्र के लोगों का व्यक्तित्व काफी खास और दूसरों से अलग होता है:
स्पष्टवादी: ये लोग बातों को घुमा-फिरा कर कहने के बजाय सीधी और साफ बात करना पसंद करते हैं।
भरोसेमंद दोस्त: इनकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि ये दूसरों के राज (Secrets) हमेशा महफूज रखते हैं। अगर आप इन्हें अपना कोई राज बताते हैं, तो वह सुरक्षित रहता है।
सिद्धांतों वाले: ये लोग अपने बनाए उसूलों पर जीना पसंद करते हैं और किसी के साथ अन्याय होते नहीं देख सकते।
संघर्ष से नहीं घबराते, छूते हैं ऊंचाइयां
शनिदेव और मंगल के प्रभाव के कारण इनका जीवन और करियर कुछ इस तरह आगे बढ़ता है:
शुरुआती संघर्ष: इन्हें जीवन की शुरुआत में थोड़ा बहुत संघर्ष जरूर करना पड़ सकता है, लेकिन जन्म से जुझारू होने के कारण ये कभी हार नहीं मानते।
कड़ी मेहनत का फल: अपनी इसी लगन और मेहनत के दम पर ये जीवन में खूब धन-दौलत, सफलता और समाज में मान-सम्मान कमाते हैं।
परिवार से गहरा लगाव: ये लोग अपने परिवार और करीबियों से बहुत जुड़ाव महसूस करते हैं और अपनों के लिए कुछ भी कर गुजरने को हमेशा तैयार रहते हैं।
.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)

Comments