आधुनिकता के इस दौर में किसान पहले के मुकाबले काफी जागरूक हो गए हैं. खेती में नए-नए प्रयोग करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं. अब किसान पारंपरिक खेती के अलावा नगदी फसलों पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं. नगदी में वैसे फसलों की खेती करना चाहते हैं, जिसमें कम समय में अधिक मुनाफा अर्जित हो सके. ऐसे में भिंडी की खेती किसानों के लिए बेहतर कमाई का जरिया बनते जा रहा है. इस आर्टिकल में जानें की भिंडी की खेती के लिए कैसी मिट्टी और जलवायु की जरूरत होती है.
हरी सब्जियों में भिड़ी की डिमांड सालोभर रहती है. यही वजह ह कि किसान बड़े पैमाने पर भिंडी की खेती करते हैं. इससे किसानों को मुनाफा भी बेहतर हो जाता है. आने वाले एक से दो हफ्ते में अगर किसान भिंडी लगा देते हैं तो यह अर्ली भिंडी कहलाएगी, जो समय से 15-20 दिन पहले आ जाएगी और इसके अच्छे दाम मिलेंगे. हाइब्रिड वाली भिंडी 35 दिन में फूल खेलने लगते हैं 40 से 45 दिन में फल आकर हार्वेस्टिंग भी शुरू हो जाती है.
सागर कृषि विज्ञान केंद्र में पिछले 30 सालों से सेवाएं दे रहे प्रधान कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर के एस यादव बताते हैं कि जिन किसान भाइयों के खेत टमाटर टूटने के बाद मल्चिंग खाली हो गई है वहां अगर भिंडी अभी लगा देते हैं तो उन्हें सामान्य फसल से डेढ़ से दोगुना फायदा मिल सकता है और आलू अदरक प्याज लहसुन वाली खेत में भी अर्ली भिंडी लगाने से किसान अच्छे दाम लेकर भरपाई कर सकते हैं.
डॉक्टर यादव के मुताबिक 20 फरवरी से किसान भाई भिंडी की बुवाई शुरू कर सकते हैं. जिन किसानों के खेत आलू टमाटर प्याज मटर अदरक जैसी फसलों से खाली हो गए हैं, वे जुताई करने के बाद खेत की तैयारी कर ले. बुआई से पहले वह अपने खेत में खाद उर्वरक का पहले से ही छिड़काव करें खासकर फास्फोरस और जो पोटाश की मात्रा है वह खेत में डाल दें और एक तिहाई यूरिया भी इसमें छिड़कें.
जब भिंडी की बुवाई समय से कुछ दिन पहले की जाती है तो इस बात को याद रखें कि इसमें जर्मिनेशन की समस्या आती है इसलिए हल्का सघन मात्रा में बुवाई करें. दूसरी बात बुवाई करने से एक दिन पहले शाम के समय इस बीज को पानी में भिगोने को डाल दें. इसमें एक ग्राम कार्बेंडाजिम प्रति लीटर की दर से मिला ले, फिर नितार करके रख ले जिससे हल्का अंकुरण हो जाता है. खेत में भी नमी होनी चाहिए फिर भिंडी की बुवाई कर दे.
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बुआई करने के बाद 24 से 48 घंटे के अंदर पेंडा मैथिलीन नाम की रसायन प्री इमरजेंस होती है उसको 750 ml प्रीति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करेंगे, तो खरपतवार जल्दी नहीं उगेंगे शुरू में भिंडी की ग्रोथ धीरे-धीरे करती है. लेकिन 40 से 55 दिन के बीच में फलन होने लगता है अर्ली विंडी में 45 दिन में भी तोड़ाई होने लगती है.
जैसे ही अंकुरण दिखाई देने लगता है तो पीछे से सिंचाई करना शुरू कर दें और उर्वरक के रूप में नाइट्रोजन का छिड़काव करें भिंडी में पीला रोग ना लगे इसके लिए अच्छी वैरायटी का चयन करके खरीदें. उन्नत किस्म पूसा ए -4, आर्का अनामिका, वीआरओ -6 भिंडी जैसी किस्म की बुवाई कर सकते हैं.
भिंडी आम लोगों के बीच एक बेहद लोकप्रिय सब्जी है. यह फसल न केवल लंबे समय तक उपज देती है, बल्कि किसानों के लिए भी फायदेमंद साबित होती है. इसके मुनाफे और बाजार में लगातार बनी मांग के चलते किसान अब बड़े पैमाने पर भिंडी की खेती करने लगे हैं, जिससे उनकी आमदनी में भी इजाफा हो रहा है.
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