हिंदू नववर्ष की शुरुआत 19 मार्च से होगी। हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हिंदू नववर्ष का आरंभ होता है। हिंदू नववर्ष 2083 की शुरुआत 19 मार्च से होने जा रही है। इस दिन गुरुवार होगा इसलिए नव संवत्सर 2083 के राजा देव गुरु बृहस्पति होंगे। वहीं इस संवत्सर का नाम रौद्र होगा। हिंदू नववर्ष की शुरुआत बेहद खास मानी जाती है क्योंकि इससे यह पता चलता है कि आने वाला समय देश-दुनिया के लिए कैसा रहेगा। ऐसे में आज हम भी आपको बताने वाले हैं कि नव संवत्सर 2083 देश दुनिया में क्या बदलाव लेकर आ सकता है।
'रौद्र' संवत्सर का देश-दुनिया पर प्रभाव
गुरुवार 19 मार्च से शुरू होने वाले रौद्र संवत्सर को ज्योतिषीय दृष्टि से बहुत अच्छा नहीं माना जा रहा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, यह साल राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर उथल-पुथल मचा सकता है। वैश्विक स्तर पर विभिन्न देशों के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है। सरकार और जनता के बीच विश्वास में कमी आएगी। मतभेद इतने बढ़ सकते हैं कि युद्ध तक की स्थितियां पैदा हो सकती हैं। यानि रौद्र नाम के इस संवत्सर में देश-दुनिया में संघर्ष बढ़ने की आशंका है।
आर्थिक हालात पर असर
नए संवत्सर की शुरुआत से चैत्र नवरात्रि भी शुरू होती हैं और हर बार माता अलग सवारी पर सवार होकर आती हैं। माता की सवारी से भी आने वाले साल की भविष्यवाणी की जाती है। इस बार गुरुवार को नव संवत्सर शुरू हो रहा है इसलिए माता की सवारी पालकी यानि डोली है। पालकी पर माता का सवार होकर आना आर्थिक परेशानियां पैदा करने वाला हो सकता है। इसके साथ ही प्राकृतिक आपदाओं के कारण जनता को महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम और वातावरण पर नव संवत्सर का प्रभाव
नए साल की भविष्यवाणी के अनुसार इस साल बारिश पहले से कम हो सकती है। मानसून कमजोर होंगे इसलिए फसल पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ सकता है। सूखा और आगजनी की घटनाएं हो सकती हैं जिसके कारण कई देशों का वातावरण प्रभावित होगा। इसके साथ ही भूकंप, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं भी आम जनमानस को परेशान कर सकती हैं।
चैत्र नवरात्रि से ही क्यों शुरू होता है हिंदू नववर्ष?
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चैत्र नवरात्रि के दिन ही ब्रह्मा जी ने संसार की रचना शुरू की थी। इस दिन से सतयुग प्रारंभ भी हुआ था। इसलिए चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को बेहद शुभ माना जाता है। इसीलिए सम्राट विक्रमादित्य ने भी इस दिन से ही हिंदू नव वर्ष का प्रारंभ अपने पंचाग में किया था।



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