परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद:होली का पर्व केवल रंगों और उत्साह का त्योहार नहीं, बल्कि आंतरिक परिवर्तन और आत्मशुद्धि का महान उत्सव है। इसी संदेश के साथ आध्यात्मिक संस्था प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के खडमा सेवा केंद्र में होली के उपलक्ष्य में विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी बहनों ने होलिका दहन के माध्यम से होली के आध्यात्मिक महत्व को विस्तार से समझाते हुए जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया।
सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी अंशु दीदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि सच्ची होली काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे विकारों को जलाने की होली है। ईश्वर के योग-अग्नि में इन बुराइयों को भस्म कर आत्मा को पवित्र बनाना ही वास्तविक होली है। उन्होंने कहा कि भक्त प्रह्लाद की तरह यदि मनुष्य परमात्मा की स्मृति में स्थित रहता है, तो अंततः अच्छाई की ही विजय होती है।
अंशु दीदी ने कहा कि परमात्मा के रंग ही सच्चे और अविनाशी रंग हैं। ज्ञान का रंग जीवन में प्रकाश लाता है, प्रेम का रंग जीवन को हरा-भरा और सुखद बनाता है, जबकि शांति, सुख, आनंद और शक्ति के दिव्य रंग केवल परमात्मा की संगति में ही प्राप्त होते हैं। ये रंग अजर-अमर और अविनाशी होते हैं। उन्होंने बताया कि संसार के भौतिक रंग कभी-कभी नुकसान भी पहुंचा सकते हैं, लेकिन परमात्मा के रंग जीवन को सदा खुशहाल और आनंदमय बनाते हैं।
कार्यक्रम में यादव समाज के जिला अध्यक्ष एवं प्रधानाध्यापक बी.के. हेमलाल यादव ने कहा कि होली का यह आयोजन केवल रंग खेलने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आंतरिक परिवर्तन स्थापित करने का महान उत्सव है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि इस पावन पर्व पर अपने भीतर की नकारात्मकताओं को समाप्त कर सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक जीवन को अपनाएं।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी चंद्रिका दीदी, मंजू बहन और अलका बहन सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ सदस्य गोविंद यादव, हेमलाल यादव, पूर्व मंडल अध्यक्ष अघन सिंह ठाकुर, देवेंद्र चंद्राकर, तुकेश्वर नंदे, यादराम साहू और अलख राम निषाद सहित बड़ी संख्या में माताएं, बहनें और बच्चे शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान सभी ब्रह्मावत्सों ने आध्यात्मिक होली मनाते हुए एक-दूसरे को आत्म-स्मृति का तिलक लगाया और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया। इस दौरान संस्थान के छोटे बच्चों ने आकर्षक रास नृत्य की प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के अंत में सेवा केंद्र प्रभारी अंशु दीदी ने बच्चों को दिव्य उपहार और मिठाइयां भेंट कर सम्मानित किया तथा सभी को आध्यात्मिक जीवन अपनाने का संदेश दिया। इस आयोजन ने उपस्थित लोगों को आंतरिक शुद्धि, प्रेम, शांति और सकारात्मकता का संदेश देते हुए होली के पर्व को आध्यात्मिक रूप में मनाने की प्रेरणा दी।



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