ऑस्कर 2026 के नए नियम लागू: अब एक ही कैटेगरी में मिल सकते हैं कई नॉमिनेशन, भारतीय फिल्मों पर क्या होगा असर?

ऑस्कर 2026 के नए नियम लागू: अब एक ही कैटेगरी में मिल सकते हैं कई नॉमिनेशन, भारतीय फिल्मों पर क्या होगा असर?

एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज ने 2027 में होने वाले 99वें ऑस्कर अवॉर्ड समारोह के लिए नए नियन जारी किए हैं, जिसमें कई बड़े बदलाव देखने को मिले। और इन बदलावों ने हर किसी को चौंका दिया है। एकेडमी ने शुक्रवार को नियमों में बड़े बदलावों का ऐलान किया है, जिसमें एक्टर्स को एक ही केटेगरी में कई नॉमिनेशन प्राप्त करने की अनुमति होगी। यही नहीं एकेडमी द्वारा जारी नए नियम के अनुसार, अब एक ही देश दो फिल्मों को बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म केटेगरी के लिए भेज सकता है, जिसे लेकर भारतीय फिल्म निर्माता भी बेहद खुश हैं। 

एक से अधिक श्रेणियों में नामांकन

एकेडमी द्वारा नियमों में किए गए बदलावों के बाद अब से एक्टिंग केटेगरी में चाहे लीड एक्टर हो या सपोर्टिंग, अभिनेता एक से अधिक केटेगरी में नामांकित हो सकते हैं। लेकिन, इसके साथ ही कुछ शर्तें भी हैं। ये नॉमिनेशन हासिल करने के लिए परफॉर्मेंस को 5 वोट हासिल करने होंगे। दरअसल, इससे पहले तक अन्य सभी केटेगरी के विपरीत, अगर किसी एक्टर को टॉप पांच वोटों में से दो या तीन वोट मिलते थे, तो सिर्फ उसी एक्टर को नॉमिनेशन मिलता था, जिसे सबसे अधिक वोट मिले हों। यानी अगर अब कोई एक्टर एक ही साल में दो बेहतरीन भूमिकाएं निभाता है या निभाती है तो उसे अब बेस्ट एक्टर केटेगरी में दोनों फिल्मों के लिए नॉमिनेशन मिल सकता है और यही बात सपोर्टिंग भूमिकाओं पर भी लागू होगी।

एक देश एक फिल्म वाले नियम में भी बदलाव

नियमों में बदलाव के तहत, एकेडमी ने लंबे समय से चले आ रहे उन नियम में भी बदलाव की दिशा में काम किया है, जिनके अनुसार हर देश या क्षेत्र से सिर्फ एक ही फिल्म, जिसे वहां की एकेडमी से जुड़ी समिति चुनती थी, बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म की श्रेणी में भाग ले सकती थी। यानी अब एक देश से दो फिल्में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म की केटेगरी में ऑस्कर के लिए नॉमिनेट हो सकती हैं। अगर किसी फिल्म को किसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में टॉप प्राइज मिला है तो वो इस केटेगरी में नॉमिनेशन के लिए पात्र हो सकती है।

देश या क्षेत्र को नहीं, निर्देशक को मिलेगा ऑस्कर

इसके अलावा, बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म का ऑस्कर अब किसी देश या क्षेत्र को नहीं दिया, बल्कि उसकी ओर से निर्देशक को दिया जाएगा। उदाहरण के लिए, इस साल की शुरुआत में आयोजित हुए ऑस्कर में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म का ऑस्कर 'सेंटिमेंटल वैल्यू' को मिला था, लेकिन टेक्निकली विजेता नॉर्वे था, न कि फिल्म निर्माता जोआकिम ट्रायर। मगर अब से ऐसा नहीं होगा। अब अगर कोई फिल्म ऑस्कर जीतती है तो, ऑस्कर पट्टिका और रिकॉर्ड बुक में विजेता फिल्म के निर्देशक का नाम भी अंकित होगा।

क्यों लिया फैसला?

एकेडमी ने निष्पक्षता और पारदर्शिता में सुधार लाने के उद्देश्य से ऑस्कर की वोटिंग नियमों में ये महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। याहनी स इन नियमों का मकसद ऑस्कर नॉमिनेशन अभियान में होने वाली हेरा फेरी को कम करना और योग्य परफॉर्मेंस को बाहर होने से बचाना है। ऑस्कर के पूर्व नियमों के अनुसार, एक एक्टर को केवल एक ही श्रेणी में नॉमिनेशन की अनुमति थी। अगर किसी एक्टर के पास दो बेस्ट परफॉर्मेंस होते थे तो कम वोट वाला एक्टर रेस से बाहर हो जाता था।








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