छत्तीसगढ़: आकाशीय बिजली से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी, जानिए जरूरी सावधानियां

छत्तीसगढ़: आकाशीय बिजली से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी, जानिए जरूरी सावधानियां

रायपुर :  बारिश के मौसम में आकाशीय बिजली (लाइटनिंग) गिरने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने आम नागरिकों के लिए सुरक्षा संबंधी विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने, बादल गरजने या बिजली चमकने की स्थिति में विशेष सतर्कता बरतें और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। विभाग का कहना है कि आकाशीय बिजली एक प्राकृतिक आपदा है, लेकिन थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर जनहानि और गंभीर दुर्घटनाओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।

खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे रुकने से बचें

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मौसम खराब होने या बिजली कड़कने के दौरान नागरिकों को खुले मैदान, खेत, पहाड़ी, नदी, तालाब, जलाशयों तथा पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। साथ ही ऊंचे स्थानों पर रुकना भी जोखिम भरा हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत किसी पक्के भवन या बंद चारपहिया वाहन में सुरक्षित आश्रय लेना सबसे सुरक्षित उपाय माना गया है।

धातु की वस्तुओं से बनाएं दूरी

विभाग ने सलाह दी है कि बिजली कड़कने के दौरान धातु के कृषि उपकरण, लोहे की रॉड, तार या अन्य धातु की वस्तुओं के साथ खुले स्थान पर नहीं रहना चाहिए। इसके अलावा बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर और बिजली की तारों से भी पर्याप्त दूरी बनाए रखें। मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से समय-समय पर जारी चेतावनियों का पालन करने की भी अपील की गई है।

खुले में फंस जाएं तो क्या करें?

यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर फंस जाए और सुरक्षित आश्रय तक पहुंचना संभव न हो, तो जमीन पर पूरी तरह लेटने के बजाय दोनों पैरों को साथ रखकर नीचे झुक जाए। सिर को नीचे रखें, हाथ घुटनों पर रखें और अन्य लोगों से कुछ दूरी बनाकर रहें। इससे आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति में जोखिम कम किया जा सकता है।

बिजली गिरने पर तुरंत करें यह काम

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति पर आकाशीय बिजली गिर जाए तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रभावित व्यक्ति को छूना पूरी तरह सुरक्षित होता है। उसे तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाएं और 108 एम्बुलेंस सेवा या निकटतम स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करें। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाना चाहिए।

यदि प्रभावित व्यक्ति की सांस या नाड़ी नहीं चल रही हो, तो प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा तुरंत सीपीआर (CPR) शुरू किया जा सकता है। समय पर प्राथमिक उपचार और चिकित्सकीय सहायता मिलने से जान बचने की संभावना बढ़ जाती है।

जन-जागरूकता बढ़ाने की अपील

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वर्षाकाल के दौरान स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी आकाशीय बिजली से बचाव के उपायों की जानकारी दें। विभाग ने कहा है कि मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें और किसी भी लापरवाही से बचें।

विभाग ने संदेश जारी करते हुए कहा है, “जब गरज सुनाई दे, तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएँ। आपकी सतर्कता ही आपका जीवन बचा सकती है।”







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