मुखिया के मुखारी – धर्मनिरपेक्ष तो हो गए पर धर्मनिरपेक्षता को समझ नहीं पाए
मुखिया के मुखारी – धर्मनिरपेक्ष तो हो गए पर धर्मनिरपेक्षता को समझ नहीं पाए
मोर गांव अउ तोर सहर के खबर, छत्तीसगढ़ के हर गढ़ के खबर
मुखिया के मुखारी – धर्मनिरपेक्ष तो हो गए पर धर्मनिरपेक्षता को समझ नहीं पाए
मुखिया के मुखारी – जिन्हें नहीं राम पर विश्वास ,वो कैसे करेंगे कल्कि पर विश्वास?
मुखिया के मुखारी – बेलगाम होती अफसरशाही पर,कसना होगा लगाम
मुखिया के मुखारी – कूटनीति के साथ राजनीति कीजिए
मुखिया के मुखारी – तोला माटी कोड़े बर नई आवय धीरे-धीरे
मुखिया के मुखारी – अब तो सिर्फ और सिर्फ कृष्ण नीति चाहिए
मुखिया के मुखारी – बाज बनके आतंकियों का शिकार करना होगा
मुखिया के मुखारी – अब वक्त है कृष्णनीति का
मुखिया के मुखारी – विरासत में गद्दी तो मिल सकती है बुद्धि नहीं
मुखिया के मुखारी – मत सिर्फ मत हैं सांप्रदायिक या धर्मनिरपेक्ष नहीं