Welcome to Chhattsgarh.co   Click to listen highlighted text! Welcome to Chhattsgarh.co

मुखिया के मुखारी – पब्लिक है ,पब्लिक सब जानती है… 

<p><strong>27&nbsp; मार्च 2025 :</strong>&nbsp; &nbsp;27 मार्च 2023 को छत्तीसगढ़ के बजट के बाद कांग्रेस सरकार अपनी सांसे नियंत्रित नही कर पाई थी की ईडी ने कई जगहों पर छापेमारी की थी, उद्योगपति ,तत्कालीन विधायक,कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष, आईपीएस,एवम जनसंपर्क के मुखिया दीपांशु काबरा के ठिकानों पर छापेमारी अन्य व्यापारियों के साथ कोल लेवी प्रकरण में हुई थी ,तब दीपांशु काबरा के पास परिवहन विभाग की भी जिम्मेदारी थी,इन छापों की खबरों को ढूढने मशक्कत करनी पड़ी थी,अपुष्ट स्वरों में ये कहा गया की जनसंपर्क विभाग के मुखिया दीपांशु काबरा से उत्कृत पत्रकारों ने अपनी निष्ठा खबरों को गायब करके प्रदर्शित की थी, भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी के घर तक जाँच टीम पहुँच गई थी तब एक महिला आईपीएस अधिकारी की संलिप्प्त्ता ने भी खूब चर्चाएँ बटोरी थी,कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष आजतक भूमिगत हैं ,कई नामजद आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं ,इस बार भी महीना मार्च का है,तारीख 25 छापा सीबीआई का है और सरकार भाजपा की जाँच के दायरे में पूर्व मुख्यमंत्री और उनके OSD,सलाहकार और करीबियों के आलावा 4 भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी ,दो ASP ,TI और कई आरक्षकों के घरों पर छापे पड़े सीबीआई का दावा है की उन्हें महादेव सट्टा एप्प घोटाले से जुड़े कई दस्तावेज एवं साक्ष्य मिले हैं, हवाला कारोबार एवं बेनामी संपत्तियों के पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं।&nbsp;</p>

<p>हाथ वाली सरकार के हाथ भर्ष्टाचार से रंगे हैं, नीली डायरी भी विवरणों के साथ जब्त हुई है,डायरी में गठजोड़ की काले कारनामों की ईबारत लिखी बताई जा रही ,किरदार कुछ पुरानो के नए आयामों से लिखे मिले हैं ,कुछ कलमवीरों की भर्ष्टाचार की बंदरबांट में वीरता पूर्वक सम्मिलित हो कलम को कुंध कर देने की भयावह गिरगिटी परम्परा निभाने की दास्तां लिखी हुई है,नेता अफसर के बाद मीडिया वाले बुद्धजीवियों ने भी अपनी पूरी जिजीविषा काले धन के लिए दिखाई है ,उपकृत इतने हुए की खोजी पत्रकारिता क्या पत्रकारिता को ही कांग्रेस सरकार की डेहरी में बंधवा बना बाँध दिया था,लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ ने अपनी जवाबदारी ऐसे निभाई, पत्रकार कालोनियों की बसाहट में बसने के लिए भर्ष्टाचार को अपने कलम में बसा लिया,फिर घोटालों के अवैध पैसों से पूरा शरीर रंग लिया ,अपराधों की जाँच करने वाली पुलिस आरक्षक से लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर आरोंप है की उन्होंने महादेव सट्टा एप्प को ना सिर्फ चालू करवाया,बल्कि उन्हें पूरा संरक्षण दिया,क्योकि ये उनके राजनीतिक आकाओं की मर्जी थी,तों मनमर्जी पूरी चली। अरबों के वारे न्यारे हुए ,महादेव मामलें की पहली गिरफ्तारियों के साथ ही संलिप्त अधिकारियों पुलिसकर्मियों ,राजनेताओं और उनके सलाहकारों के नाम अपराध में उनकी संलिप्तता सबकों पता थी,खुर्सीपार ,कैम्प ,नेहरु ,नगर दुर्ग भिलाई में धनवर्षा हो रही थी ,चाय गुपचुप ठेले वाले महंगी गाड़ियों में घूम रहे थे, बैंको में खाते खुल रहे थे, करोड़ो की लेनदेन मोची कर रहे थे ,पासपोर्ट दुबई का वीजा असंख्य बन ,लग रहे थे,फिर भी पुलिस निर्विकार थी,खबर नवीसों के पास खबर नही थी,क्योकिं राजनेताओं का आदेश यही था,महादेव एप्प के प्रमोटर रवि उप्पल की गिरफ्तारी हुई भी पर किसी को कानोंकान खबर नही हुई ,पैसे लेकर उसे पुलिस के द्वारा छोड़ दिया गया, वों दुबई भाग गया,पुलिस वालों ने करोड़ो कमा लिया, गिरफ्तार आरोपियों ने अपने बयान में ही बता दिया था की वों पुलिस अधिकारियों ,राजनेताओं को पैसे दे रहे थे ,अवैध उगाही हो रही थी।&nbsp;</p>

<p>छत्तीसगढ़ के पुलिस अधिकारी बेनामी संपतियों के सिकंदर हैं ,जिनके नाम आ गए और जिनके नही आये हैं ,ऐसे कई और हैं ,यही किसान ,यही व्यापारी ,यही निवेशक और यही अधिकारी कितने बहुमुखी प्रतिभा है इनकी, यदि पुलिस ही भर्ष्टाचार के दलदल में धंसी हो ,आरक्षक से लेकर उच्च अधिकारियों के खाकी पर दाग ही दाग हो तों सरकार कैसे बेदाग रही होगी ? दाग अच्छे हैं जब मुखिया का सूत्र वाक्य रहा हो तों हश्र तों यही होना था ,भर्ष्टाचार सदाचार&nbsp;&nbsp;स्वछन्दता अपार थी ,आपार बहुमत की कांग्रेस सरकार ने अपार भर्ष्टाचार किया ,करवाया ,सिखाया भ्रष्टतम सरकार के रूप में इतिहास में दर्ज हो गई फिर भी सीनाजोरी जारी है,भाजपा सरकार को कार्यवाही करनी ही होगी ,अपार जनआकांक्षाओं &nbsp;को पूरा करना होगा सुशासन है तों फिर भर्ष्टाचारियों से निजात ही नही सजा भी दिलानी होगी ,बड़े लोगों की बड़े लोगों से दोस्ती भी होगी ,कई बैचमेट,चेकमैट में भी लगे होंगे कई दोस्ती निभा जाँच प्रभावित करने की कोशिश करेंगे ,अपार वक्त ना दीजिए,जिन्होंने छत्तीसगढ़ के भविष्य को तार -तार किया ,सामान्य आदमी मिनटों में अपराधी घोषित हो जाता है, पर राजनीतिज्ञ &nbsp;इसे राजनीति का खेल बता बेशर्मी भरा बयान देते हैं ,अवरोध भी अपराध है,पीठ खुजाने की परम्परा अब की न निभ पायेगी,भर्ष्टाचार हुआ आप ही कह रहे ,जाँच भी आप ही करवा रहे ,तों सजा भी आप ही दिलवाएंगे,कुछ भी छुट गया तों 2023 वाला हश्र 2029 में भी होगा क्योकिं———————-पब्लिक है ,पब्लिक सब जानती है…&nbsp;</p>

<p><strong>चोखेलाल<br />
आपसे आग्रह :</strong><br />
<strong>कृपया चोखेलाल की टिप्पणियों पर नियमित रूप से अपनी राय व सुझाव इस नंबर 6267411232&nbsp;पर दें, ताकि इसे बेहतर बनाया जा सके।<br />
मुखिया के मुखारी में व्यवस्था पर चोट करती चोखेलाल</strong>&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Click to listen highlighted text!