रायगढ़ : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सड़क किनारे डीजल का भंडारण कर बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। छाल पुलिस ने ग्राम हाटी-ढोढ़ीखार के पास मुख्य मार्ग किनारे बनी एक झोपड़ी में कार्रवाई करते हुए 415 लीटर डीजल जब्त किया है। जब्त ईंधन की अनुमानित कीमत 41,500 रुपये बताई गई है। मामले में 38 वर्षीय राजेश उर्फ कारू साव को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी डीजल के भंडारण और बिक्री से संबंधित वैध बिल या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। कार्रवाई के दौरान डीजल निकालने में इस्तेमाल होने वाला एक पाइप और एक चाड़ी भी जब्त की गई।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दी दबिश
रायगढ़ पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 8 अक्टूबर 2026 को छाल थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान को सूचना मिली थी कि ग्राम हाटी-ढोढ़ीखार के पास मुख्य मार्ग किनारे डीजल का असुरक्षित तरीके से भंडारण कर बिक्री की जा रही है।
सूचना मिलने पर एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान वहां डीजल का भंडारण मिला। पुलिस ने आरोपी से ईंधन के संबंध में बिल और वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन वह इन्हें प्रस्तुत नहीं कर सका।
दो ड्रम और एक जरकीन में रखा था डीजल
पुलिस ने मौके से तीन कंटेनरों में रखा कुल 415 लीटर डीजल बरामद किया। इनमें 200 लीटर क्षमता वाले दो प्लास्टिक ड्रमों में करीब 200-200 लीटर और 15 लीटर क्षमता वाली एक प्लास्टिक जरकीन में करीब 15 लीटर डीजल भरा था।
जब्त डीजल की अनुमानित कीमत 41,500 रुपये बताई गई है। इसके अलावा डीजल निकालने में इस्तेमाल होने वाला नीले रंग का पाइप और एक चाड़ी भी जब्त की गई। पूरी कार्रवाई गवाहों की मौजूदगी में जब्ती पत्रक तैयार कर की गई।
कम कीमत पर खरीदकर अधिक दाम में बेचने का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपी राजेश उर्फ कारू साव मूल रूप से ग्राम सिथरा, थाना धरमजयगढ़, जिला रायगढ़ का निवासी है। पूछताछ में उसने बताया कि वह हाटी-ढोढ़ीखार के पास मुख्य मार्ग किनारे एक छोटी झोपड़ी बनाकर रह रहा था।
पुलिस का दावा है कि आरोपी गुजरने वाले वाहनों से कम कीमत पर डीजल खरीदकर उसे ड्रमों में जमा करता था और बाद में अधिक कीमत पर बेचता था। मामले में आवश्यक दस्तावेजों के बिना डीजल के भंडारण और बिक्री की बात सामने आने पर कार्रवाई की गई।
आवश्यक वस्तु अधिनियम और बीएनएस के तहत मामला
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 287 और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 एवं 7 के तहत कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को 8 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:40 बजे गिरफ्तार किया गया और रिमांड पर भेजा गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
इस कार्रवाई में छाल थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान, प्रधान आरक्षक शंकर सिंह क्षत्री, प्रधान आरक्षक अशोक देवांगन तथा आरक्षक लालजीत राठिया, राजेश राठौर और दिलीप सिदार की भूमिका रही।
रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि ज्वलनशील पदार्थों का असुरक्षित भंडारण आम लोगों के जीवन और संपत्ति के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




