6 करोड़ मंजूर, फिर भी पुल नहीं! ट्यूब के सहारे जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे ग्रामीण, बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित

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गरियाबंद :- गरियाबंद के ग्राम जंगल धवलपुर के आश्रित गांव जरण्डीह के ग्रामीण वर्षों से बाकड़ी नदी पर पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी मांग पूरी नहीं हो सकी है। पुल के अभाव में ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर ट्यूब के सहारे नदी पार करनी पड़ रही है।

बारिश के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ जाती है। सबसे अधिक दिक्कत स्कूली छात्र-छात्राओं को होती है। नदी पार कर स्कूल जाना जोखिम भरा होने के कारण कई परिजन बच्चों को धवलपुर और आसपास के गांवों में अपने रिश्तेदारों के यहां अस्थायी रूप से रखकर उनकी पढ़ाई की व्यवस्था करने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2014 में इसी बाकड़ी नदी में डूबने से एक छात्र की मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद आज तक नदी पर पुल का निर्माण नहीं हो सका है, जिससे हर बारिश में ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान यहां पुल निर्माण के लिए करीब 6 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली थी। बताया जाता है कि पुल निर्माण के लिए सर्वे कार्य भी पूरा कर लिया गया था, लेकिन इसके बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जल्द पुल निर्माण शुरू कराने की मांग की है, ताकि जरण्डीह के लोगों को ट्यूब के सहारे नदी पार करने की मजबूरी से राहत मिल सके और स्कूली बच्चों सहित ग्रामीणों का आवागमन सुरक्षित हो सके।

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