2013 से लगातार उठ रही मांग, सप्ताहभर से स्कूल के मुख्य द्वार पर डटे पालक व ग्रामीण — कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से संपर्क का प्रयास भी रहा बेनतीजा
परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद/ छुरा : विकासखंड छुरा के ग्राम रुवाड़ स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय के नवीन शाला भवन निर्माण की मांग को लेकर पालकगण, छात्र-छात्राएं, शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल समिति एवं ग्राम विकास समिति के पदाधिकारी पिछले एक सप्ताह से विद्यालय परिसर के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान शाला भवन की स्थिति विद्यार्थियों की शिक्षा, अध्यापन कार्य और सुरक्षा की दृष्टि से चिंताजनक है, बावजूद इसके वर्षों से मांग किए जाने के बाद भी शासन-प्रशासन की ओर से ठोस पहल नहीं की गई है।ग्रामीणों के अनुसार, शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय रुवाड़ में नवीन भवन निर्माण की मांग शाला प्रारंभ होने के समय वर्ष 2013 से ही लगातार शासन-प्रशासन, संबंधित विभागीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, मंत्री, विधायक एवं सांसद के समक्ष रखी जाती रही है। इसके बावजूद अब तक नवीन भवन निर्माण की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से पालकों एवं ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त है।

धरना स्थल पर पहुंचकर कल्याण सिंह कपिल, अध्यक्ष जिला लघु वनोपज सहकारी समिति मर्यादित संघ गरियाबंद एवं क्षेत्र के वरिष्ट समाज सेवी सीताराम सोनवानी ने पालकगण एवं ग्रामीणों की स्थिति तथा विद्यालय की समस्याओं का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस थाना पीपरछेड़ी के शपटेल सहित पुलिस स्टाफ भी मौके पर मौजूद रहा। कलेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी से संपर्क का किया गया प्रयास,विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े इस गंभीर विषय पर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराने तथा मामले का उचित समाधान निकालने के उद्देश्य से गरियाबंद कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क कर बातचीत करने और सकारात्मक मध्यस्थता की पहल करने का प्रयास किया गया। पालकों एवं ग्रामीणों के अनुसार, अधिकारियों की ओर से फोन रिसीव नहीं किया गया और किसी प्रकार की प्रतिक्रिया भी प्राप्त नहीं हुई।
अधिकारियों की इस कथित उदासीनता को लेकर धरना स्थल पर मौजूद पालकगण, छात्र-छात्राओं के परिजन, शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय समिति तथा ग्राम विकास समिति के पदाधिकारियों ने गहरा अफसोस व्यक्त किया है।
आश्रित गांवों को संगठित कर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य सीधे तौर पर बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुरक्षित भवन से जुड़ा हुआ है। वर्षों से मांग किए जाने के बाद भी यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं होता है तो अब केवल रुवाड़ तक सीमित न रहकर विद्यालय से जुड़े आश्रित गांवों के ग्रामीणों को भी संगठित किया जाएगा और व्यापक स्तर पर ठोस कदम उठाया जाएगा।पालकगण ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि रुवाड़ के शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय की वास्तविक स्थिति का तत्काल निरीक्षण कराया जाए तथा विद्यार्थियों के हित में नवीन शाला भवन निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांग पर शासन-प्रशासन की ओर से ठोस एवं सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।वर्ष 2013 से लंबित मांग अब ग्रामीणों के लिए केवल भवन निर्माण का विषय नहीं, बल्कि क्षेत्र के बच्चों के सुरक्षित एवं बेहतर भविष्य का सवाल बन चुकी है।





