सक्ती : जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने के लिए नवपदस्थ कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं, लंबित प्रकरणों और जनशिकायतों की विस्तार से समीक्षा की।

कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन के निर्देशानुसार वे स्वयं तथा अपने अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारी सुबह 10 बजे तक अनिवार्य रूप से अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहें। उन्होंने कहा कि कार्यालयीन व्यवस्था में समयबद्धता और जवाबदेही से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
बैठक में कलेक्टर ने मानसून को देखते हुए आपदा प्रबंधन, संभावित जलभराव, जलजनित बीमारियों की रोकथाम और राहत-बचाव व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने, पर्याप्त बचाव उपकरण उपलब्ध रखने और बचाव दलों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
ई-ऑफिस को लेकर भी सख्ती
कलेक्टर जयश्री जैन ने सभी विभागों में ई-ऑफिस के माध्यम से कार्यों का संचालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि विभागीय कामकाज केवल ऑपरेटर के भरोसे न छोड़ें, बल्कि अधिकारी स्वयं ई-ऑफिस की प्रक्रिया सीखें और उसका उपयोग करें।
सीएम हेल्पलाइन और सेवा सेतु के प्रकरणों की समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लंबित आवेदनों की विभागवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों और आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए। इसी तरह सेवा सेतु एप के माध्यम से प्राप्त आवेदनों को भी प्राथमिकता के साथ निपटाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन और पंचायत विभाग के स्वच्छता कार्यों की भी जानकारी ली। उन्होंने वित्तीय वर्षवार सामुदायिक शौचालयों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
महिला स्व-सहायता समूहों को आय बढ़ाने पर जोर
कलेक्टर ने जिले में संचालित स्व-सहायता समूहों और बिहान योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं को बेहतर आय अर्जित करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को और मजबूत किया जा सके।
राजस्व प्रकरणों पर भी कलेक्टर की नजर
बैठक में तहसीलवार विवादित एवं अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, व्यपवर्तन, नक्शा बटांकन, त्रुटि सुधार और आधार प्रविष्टि सहित विभिन्न राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लंबित मामलों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा लोक सेवा गारंटी, लंबित पेंशन प्रकरण, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान योजना और पीएम आवास योजना शहरी समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने पंचायत, लोक निर्माण, शिक्षा, विद्युत, खाद्य, सहकारिता, नगरीय प्रशासन एवं विकास, मत्स्य पालन, महिला एवं बाल विकास तथा पशु चिकित्सा विभाग के कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की।
उन्होंने समय-सीमा के लंबित प्रकरणों, जनदर्शन और जनचौपाल में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों से शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी तरीके से कार्य करने की अपेक्षा जताई।
बैठक में अपर कलेक्टर बालेश्वर राम, अपर कलेक्टर केएस पैकरा, संयुक्त कलेक्टर अरुण कुमार सोम, एसडीएम सक्ती कावेरी मरकाम, एसडीएम मालखरौदा रूपेंद्र पटेल, एसडीएम डभरा विनय कुमार कश्यप, डिप्टी कलेक्टर प्रीतेश राजपूत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




