जन्माष्टमी का त्योहार 4 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान कृष्ण की पूजा के साथ ही मोरपंख से जुड़े कुछ आसान उपाय भी आपके लिए बेहद शुभ साबित हो सकते हैं। आपको बता दें कि भगवान कृष्ण को मोरपंख अतिप्रिय था और इसलिए अपने मस्तक पर मोर मुकुट वो धारण करते थे। वहीं ज्योतिष शास्त्र में भी मोर पंख को कई दोषों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है। आइए ऐसे में जान लेते हैं कि जन्माष्टमी के दिन मोरपंख से जुड़े कौन से उपाय भक्तों के लिए शुभ फलदायक साबित हो सकते हैं।
पहला उपाय
मोरपंख को शुभता का प्रतीक माना जाता है और ज्योतिष की मानें तो राहु दोष और कालसर्प दोष से भी मोरपंख मुक्ति दिला सकता है। इसलिए आपको जन्माष्टमी के पावन पर्व पर घर के मुख्यद्वार पर मोरपंख लगाना चाहिए। ऐसा करने से घर में नकारात्मक शक्तियां प्रवेश नहीं करती और आपको शुभ फलों की प्राप्ति होती है। घर के मुख्य द्वार पर मोरपंख लगाने से भगवान कृष्ण की कृपा से आपको जीवन में उन्नति प्राप्त हो सकती है।
दूसरा उपाय
जन्माष्टमी की सुबह आपको एक मोरपंख लेकर भगवान कृष्ण के चरणों में रख देना चाहिए। इसके बाद भगवान कृष्ण की पूजा आपको सुबह और रात के समय विधि-विधान से करनी चाहिए। अर्धरात्रि की पूजा के बाद इस मोरपंख को अपनी तिजोरी या धन के स्थान में आपको रख देना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती। इसके साथ ही घर के लोग रोग-दोष से भी दूर रहते हैं और वास्तु दोष से भी आपको मुक्ति मिल सकती है।
तीसरा उपाय
अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति करें, नजर दोष से दूर रहें और उनकी एकाग्रता मजबूत हो तो आपको जन्माष्टमी के दिन कृष्ण पूजन के दौरान एक मोरपंख लेना चाहिए और इसे गंगाजल से शुद्ध करना चाहिए। पूजा के बाद इस मोरपंख को बच्चों की स्टडी टेबल पर रख दें या बच्चे के सिरहाने रख दें। ऐसा करने से बच्चा शिक्षा के क्षेत्र में उन्नति करता है और नकारात्मक शक्तियां बच्चे को प्रभावित नहीं करती।
चौथा उपाय
दांपत्य जीवन में मधुरता बनाए रखना चाहते हैं तो आपको जन्माष्टमी के शुभ दिन पर बेडरूम की पूर्व या फिर उत्तर दिशा पर 2 मोरपंख लगाने चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से दांपत्य जीवन में खुशियां आती हैं और साथ ही घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।




