नई दिल्ली : मणिपुर हिंसा के बाद राहत शिविरों में रह रहे विस्थापित लोगों की मौतों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। कोर्ट ने राज्य सरकार से राहत शिविरों में हुई मौतों, खासकर अप्राकृतिक मौतों, की पूरी जानकारी और जांच की स्थिति बताने को कहा है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस मोहना की पीठ ने गुरुवार को मणिपुर हिंसा से जुड़े यौन हिंसा के मामलों की सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। अदालत ने मणिपुर के मुख्य सचिव से 25 अप्राकृतिक मौतों से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है। इसमें मौत की वजह, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य संबंधित दस्तावेज शामिल हैं।
राहत शिविरों में 640 मौतों की रिपोर्ट पर सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने उस रिपोर्ट का भी संज्ञान लिया, जिसमें मणिपुर के 8 जिलों के राहत शिविरों में 640 मौतों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें केवल 20 मामलों में पोस्टमार्टम कराया गया था।
अदालत ने सवाल उठाया कि बाकी मामलों में पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया गया। कोर्ट ने कुछ मामलों में केवल 20 से 30 हजार रुपये मुआवजा दिए जाने को लेकर भी राज्य सरकार से जवाब मांगा।
सुरक्षा और मेडिकल सुविधाओं पर भी निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि राहत शिविरों में रह रहे विस्थापित लोगों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
अदालत ने राहत शिविरों में रहने वाले लोगों को पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं और रोजमर्रा की जरूरी चीजें उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
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सभी अप्राकृतिक मौतों में FIR दर्ज करने का निर्देश
कोर्ट ने मणिपुर लीगल सर्विसेज अथॉरिटी को मामले पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। अदालत ने निर्देश दिया कि अप्राकृतिक मौत के सभी मामलों में FIR दर्ज की जाए और मौत के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए जांच की जाए।
इसके साथ ही राहत शिविरों में लोगों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने तथा पहले से दर्ज FIR की जांच जल्द पूरी करने को भी कहा गया।
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने मणिपुर के एडवोकेट जनरल से यह भी पूछा कि 4 जुलाई को समिति द्वारा मांगी गई 25 मौतों से संबंधित जानकारी अब तक अदालत के सामने क्यों नहीं रखी गई।
3,020 मामलों की जांच के लिए 42 SIT
केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने अदालत को बताया कि मणिपुर के 8 जिलों में 42 विशेष जांच दल (SIT) गठित किए गए हैं। ये टीमें कुल 3,020 मामलों की जांच कर रही हैं।
स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार:
– 302 मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई है।
– 1,583 मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल हुई है।
– 1,135 मामले अभी जांच के स्तर पर हैं।
– 33 मामलों में ट्रायल शुरू हो चुका है।
CBI के पास 31 मामले
सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि CBI 31 मामलों की जांच कर रही है। इनमें 28 मामलों में चार्जशीट और 6 मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किए जाने की जानकारी दी गई।
CBI से जुड़े 3 मामले अभी जांच के चरण में हैं। चार्जशीट दाखिल किए गए मामलों में आगे की न्यायिक कार्रवाई शुरू हो चुकी है।
इन मामलों में कुल 978 गवाहों के नाम दर्ज हैं, लेकिन अब तक केवल 6 गवाहों की गवाही हुई है। वहीं, इन मामलों में 38 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी भी अदालत के सामने रखी गई।
सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देशों के बाद अब मणिपुर के राहत शिविरों में हुई मौतों और अप्राकृतिक मौतों की जांच की स्थिति पर राज्य सरकार को विस्तृत जानकारी अदालत के समक्ष रखनी होगी।




