रायगढ़ : किताबों में पढ़ी जाने वाली शासन-प्रशासन की व्यवस्था को जब छात्राओं ने करीब से देखा तो उनके सामने ‘शहर सरकार’ की कार्यप्रणाली की तस्वीर और स्पष्ट हो गई। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत संचालित बिटिया@वर्क अभियान में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजीव गांधी नगर की कक्षा 9वीं और 11वीं की 51 छात्राओं ने नगर निगम कार्यालय का भ्रमण किया।
इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को प्रशासनिक व्यवस्था से परिचित कराने के साथ उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की समझ विकसित करना रहा।
कमिश्नर ने समझाई नगर निगम की पूरी कार्यप्रणाली
नगर निगम पहुंचने के बाद छात्राओं की पहली बैठक कमिश्नर कार्यालय में हुई। इसके बाद निगम सभाकक्ष में कमिश्नर बृजेश सिंह क्षत्रिय ने छात्राओं को नगर निगम के कामकाज की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने जल विभाग, वाहन विभाग, विद्युत व्यवस्था, स्वच्छता विभाग सहित नागरिकों को उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न मूलभूत सुविधाओं और सेवाओं के बारे में बताया। छात्राओं को यह भी समझाया गया कि नगर निगम की जिम्मेदारियां केवल सड़क और सफाई तक सीमित नहीं हैं।
कमिश्नर ने बताया कि पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, स्वास्थ्य, उद्यान, सड़क, नाली, भवन अनुज्ञा और कर वसूली समेत नागरिकों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़ी कई सेवाओं का संचालन नगर निगम के माध्यम से किया जाता है।
टैक्स से शहर के विकास तक समझाया पूरा सिस्टम
छात्राओं को नगर निगम की आय के प्रमुख स्रोतों की जानकारी देते हुए संपत्ति कर, समेकित कर और जल कर के बारे में भी बताया गया। कमिश्नर ने समझाया कि इन करों से प्राप्त राशि का उपयोग शहर में विभिन्न विकास कार्यों और जनसुविधाओं को उपलब्ध कराने में किया जाता है।
इस दौरान छात्राओं को ‘शहर सरकार’ की संरचना से भी अवगत कराया गया। उन्हें महापौर, सभापति, पार्षद, एल्डरमैन और नेता प्रतिपक्ष की भूमिका, कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी गई।
छात्राओं को बताया गया कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि नागरिकों की समस्याओं और आवश्यकताओं को नगर निगम के समक्ष रखते हैं, जबकि प्रशासनिक अमला शासन के नियमों और प्रावधानों के अनुरूप योजनाओं एवं सेवाओं का क्रियान्वयन करता है।
कमिश्नर बोले- बेटियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करना जरूरी
कार्यक्रम के दौरान कमिश्नर बृजेश सिंह क्षत्रिय ने कहा कि बिटिया@वर्क जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल छात्राओं को किसी सरकारी कार्यालय का भ्रमण कराना नहीं है। इसका मकसद उन्हें यह समझाना भी है कि शासन और प्रशासन किस तरह काम करता है।
उन्होंने कहा कि जब बेटियां अपने आसपास की प्रशासनिक व्यवस्था, अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझेंगी, तो उनका आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता और मजबूत होगी।
कमिश्नर ने कहा कि आज की छात्राएं ही भविष्य में जिम्मेदार नागरिक, अधिकारी, जनप्रतिनिधि और समाज की नेतृत्वकर्ता बनेंगी। ऐसे में शिक्षा के साथ उन्हें व्यावहारिक ज्ञान और निर्णय लेने की क्षमता देना भी जरूरी है।
सवाल पूछकर छात्राओं ने समझी व्यवस्था
नगर निगम भ्रमण के दौरान छात्राओं ने विभिन्न विभागों और निगम की गतिविधियों को लेकर उत्सुकता से जानकारी हासिल की। उन्होंने अपनी जिज्ञासाओं और सवालों को अधिकारियों के सामने रखा, जिनका अधिकारियों ने जवाब देकर उन्हें संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली समझाई।
कार्यक्रम में उपायुक्त सुतीक्षण यादव सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




