आजकल हार्ट हेल्थ की बात होते ही सबसे पहले बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) का जिक्र होता है। शरीर में LDL का स्तर बढ़ना हृदय रोग के जोखिम से जुड़ा हो सकता है, लेकिन दिल की सेहत पर सिर्फ कोलेस्ट्रॉल ही असर नहीं डालता। हाई ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, नींद की कमी, शारीरिक निष्क्रियता और तंबाकू का सेवन भी हृदय रोग के महत्वपूर्ण जोखिम कारक हैं।
गोरखपुर स्थित रीजेंसी हॉस्पिटल की कंसल्टेंट-कार्डियोलॉजी डॉ. प्रियंका सिंह के अनुसार, दिल को स्वस्थ रखने के लिए केवल कोलेस्ट्रॉल की जांच पर्याप्त नहीं है। जीवनशैली और दूसरे स्वास्थ्य संकेतकों पर भी नियमित ध्यान देना जरूरी है।
1. हाई ब्लड प्रेशर
हाई ब्लड प्रेशर लंबे समय तक बना रहे तो हृदय और रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ सकता है। इससे दिल को रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है और समय के साथ हृदय रोग का जोखिम बढ़ सकता है।
इसलिए नियमित रूप से अपना ब्लड प्रेशर जांचना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उसे नियंत्रित रखना जरूरी है।
2. बढ़ी हुई ब्लड शुगर
डायबिटीज और लगातार बढ़ा हुआ ब्लड शुगर हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकता है। लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर रहने से रक्त वाहिकाओं और हृदय की सेहत पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
ऐसे में सिर्फ कोलेस्ट्रॉल की रिपोर्ट पर ध्यान देने के बजाय ब्लड शुगर की नियमित निगरानी भी जरूरी है।
3. नींद की कमी
लगातार कम सोना या नींद का खराब पैटर्न भी हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता। अपर्याप्त नींद का संबंध हाई ब्लड प्रेशर और अन्य हृदय संबंधी जोखिम कारकों से देखा गया है।
इसलिए पर्याप्त और नियमित नींद को रोजमर्रा की स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए।
4. शारीरिक गतिविधि की कमी
लगातार बैठे रहना और शारीरिक गतिविधि का अभाव भी हार्ट हेल्थ को प्रभावित कर सकता है। नियमित व्यायाम, तेज चाल से पैदल चलना या डॉक्टर की सलाह के अनुसार शारीरिक गतिविधि वजन, ब्लड प्रेशर और मेटाबॉलिक हेल्थ को बेहतर रखने में मदद कर सकती है।
इसके लिए रोजाना कुछ समय वॉक, योग या अन्य उपयुक्त एक्सरसाइज के लिए निकालना फायदेमंद हो सकता है।
5. तंबाकू और सिगरेट
तंबाकू का सेवन हृदय के लिए गंभीर जोखिम कारक है। धूम्रपान रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है, रक्त के थक्के बनने की संभावना बढ़ा सकता है और शरीर में ऑक्सीजन की उपलब्धता को प्रभावित कर सकता है।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए सिगरेट और दूसरे तंबाकू उत्पादों से दूरी बनाना महत्वपूर्ण है।
सिर्फ कोलेस्ट्रॉल नहीं, पूरी जीवनशैली पर दें ध्यान
दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए केवल बैड कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करना पर्याप्त नहीं है। ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, नींद, शारीरिक गतिविधि और तंबाकू के सेवन जैसे जोखिम कारकों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
अगर सीने में दर्द या दबाव, सांस फूलना, अचानक पसीना आना, चक्कर या असामान्य कमजोरी जैसे गंभीर लक्षण हों, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए।




