रायपुर : छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी सुखदेव भगत ने अपने पहले प्रदेश दौरे के दौरान केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। रायपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR, चुनाव आयोग, खनन, विस्थापन और कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर कांग्रेस का पक्ष रखा। उनके दौरे के दौरान संगठनात्मक बैठकों का कार्यक्रम भी निर्धारित था।
चुनाव आयोग पर सुखदेव भगत का हमला
SIR और चुनाव आयोग में कथित मतभेद को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच सुखदेव भगत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग को सरकारी विभाग जैसा बना दिया है और केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।
यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज है। चुनाव आयोग ने हालिया स्पष्टीकरण में कहा है कि SIR से जुड़े फैसले आयोग के तीनों सदस्यों की सहमति से लिए गए थे।
‘सवाल राहुल गांधी करते हैं, जवाब BJP देती है’
भाजपा की ओर से चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे पर की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर भी भगत ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग से सवाल कांग्रेस नेता राहुल गांधी करते हैं, लेकिन जवाब भाजपा की ओर से आता है।
उन्होंने SIR को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोड़ते हुए कहा कि उनके अनुसार देश में लोकतंत्र से जुड़े गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हालांकि, चुनाव आयोग ने अपने हालिया बयान में कहा है कि आंतरिक चर्चाओं में अलग-अलग टिप्पणियां और सुझाव संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा हैं तथा SIR समेत उसके फैसलों को पूर्ण आयोग की मंजूरी मिली है।
CM विष्णुदेव साय पर भी निशाना
सुखदेव भगत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आदिवासी हैं, लेकिन उनकी नीतियों पर कॉर्पोरेट घरानों का प्रभाव दिखाई देता है।
भगत ने राज्य में खनन और आदिवासी विस्थापन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कांग्रेस विकास विरोधी नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर स्थानीय लोगों के अधिकार और हित प्रभावित नहीं होने चाहिए। उन्होंने जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा।
खनन और कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा
कांग्रेस प्रभारी ने छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था, रेत खनन और कथित कमीशनखोरी को लेकर भी राज्य सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा वाले क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को विकास का लाभ मिलना चाहिए और विस्थापन से जुड़े सवालों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस की ओर से खनन प्रभावित क्षेत्रों में आदिवासी अधिकार, ग्राम सभाओं की भूमिका और विकास कार्यों से जुड़े सवाल पहले भी उठाए गए हैं।
2028 को लेकर कांग्रेस का लक्ष्य बताया
सुखदेव भगत ने कहा कि 2028 में सत्ता में वापसी कांग्रेस का लक्ष्य है, लेकिन पार्टी गांधीवादी विचारधारा के साथ शासन में आने की बात कर रही है। उन्होंने छत्तीसगढ़िया अस्मिता और स्थानीय मुद्दों को कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताया।
अपने पहले प्रदेश दौरे में भगत ने संगठनात्मक गतिविधियों और पार्टी नेताओं के साथ बैठकों के जरिए आगामी राजनीतिक तैयारियों पर भी चर्चा की।




