आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में देर रात तक जागना और नींद के घंटों में कटौती करना आम आदत बनती जा रही है। कई बार कम सोने के बावजूद शुरुआत में व्यक्ति को कोई बड़ी परेशानी महसूस नहीं होती। लेकिन लगातार नींद पूरी नहीं होने का असर दिमाग की कार्यक्षमता पर पड़ सकता है।
नोएडा स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट एवं यूनिट हेड डॉ. नेहा पंडिता के मुताबिक, नींद के दौरान दिमाग दिनभर मिली जानकारी को प्रोसेस करने, यादों को मजबूत करने और अगले दिन की मानसिक गतिविधियों के लिए खुद को तैयार करने का काम करता है। ऐसे में लगातार कम नींद लेने से दिमाग के सामान्य कामकाज पर असर पड़ सकता है।
1. ध्यान लगाने में हो सकती है परेशानी
नींद की कमी का असर सबसे पहले ध्यान और एकाग्रता पर दिखाई दे सकता है। पर्याप्त नींद नहीं लेने पर किसी काम पर लंबे समय तक ध्यान बनाए रखना और सही समय पर प्रतिक्रिया देना मुश्किल हो सकता है।
व्यक्ति रोजमर्रा के काम सामान्य रूप से करता हुआ दिखाई दे सकता है, लेकिन उसका ध्यान बार-बार भटक सकता है और छोटी-छोटी गलतियां बढ़ सकती हैं।
2. छोटी बात पर आने लगता है गुस्सा
लगातार कई रातों तक पर्याप्त नींद न लेने से मूड और भावनाओं को नियंत्रित करने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। ऐसी स्थिति में छोटी-सी बात पर चिड़चिड़ापन, गुस्सा या बेचैनी महसूस होना बढ़ सकता है।
कई बार जिसे लोग सिर्फ खराब मूड समझते हैं, उसके पीछे लगातार नींद पूरी न होना भी एक कारण हो सकता है।
3. फैसले लेने की क्षमता हो सकती है प्रभावित
नींद की कमी का असर सोचने-समझने और निर्णय लेने की क्षमता पर भी पड़ सकता है। डॉक्टर के अनुसार, पर्याप्त नींद नहीं मिलने पर समस्या सुलझाने, सही निर्णय लेने और परिस्थितियों का आकलन करने जैसी मानसिक क्षमताएं प्रभावित हो सकती हैं।
कितने घंटे की नींद जरूरी है?
डॉ. नेहा पंडिता के अनुसार, नींद को काम और जागने के बीच बचा हुआ समय नहीं समझना चाहिए। यह वह अवधि है, जिसमें दिमाग और शरीर अगले दिन की गतिविधियों के लिए खुद को तैयार करते हैं।
आम तौर पर वयस्कों के लिए रोजाना 7 घंटे या उससे अधिक नींद लेने की सलाह दी जाती है। हालांकि, हर व्यक्ति की नींद की जरूरत अलग हो सकती है। सिर्फ नींद की अवधि ही नहीं, बल्कि उसकी नियमितता और गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण होती है।
देर रात तक जागने की आदत को न करें नजरअंदाज
अगर लगातार नींद कम हो रही है और दिन में अत्यधिक थकान, ध्यान लगाने में परेशानी, चिड़चिड़ापन या काम के दौरान बार-बार गलतियां जैसी समस्याएं महसूस हो रही हैं, तो अपनी नींद की दिनचर्या पर ध्यान देना जरूरी है। लगातार या गंभीर समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।




