बाढ़ के बीच देवदूत बनी SDRF: शिवनाथ नदी के टापू में फंसे 9 ग्रामीणों समेत 12 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू

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बेमेतरा टेकेश्वर दुबे : जिले में पिछले दिनों हुई लगातार अतिवृष्टि के कारण कई नदी-नाले उफान पर हैं और निचली बस्तियों में बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गया था। ऐसी विषम परिस्थिति में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं के कुशल निर्देशन एवं सतत निगरानी में जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है।

कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व, पुलिस, पंचायत, स्वास्थ्य और एसडीआरएफ की संयुक्त टीमें फील्ड में मुस्तैदी से कार्य कर रही हैं। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात बाढ़ में फंसे लोगों के लिए प्रशासन देवदूत बनकर सामने आया।

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एसडीआरएफ की टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। ग्राम पांसुरी-सोनपुरी में शिवनाथ नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच टापू में फंसे 9 ग्रामीणों को कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसी प्रकार ग्राम अमलीडीह में खेत में काम करने के दौरान अचानक पानी में घिरे 3 लोगों को रस्सी एवं नाव की सहायता से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू किए गए सभी 12 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर भोजन एवं प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

वहीं ग्राम लाटा में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को एहतियात के तौर पर शासकीय प्राथमिक शाला में शिफ्ट किया गया है। प्रशासन द्वारा वहां ठहरने, भोजन, स्वच्छ पेयजल, बिजली एवं दवाइयों की समुचित व्यवस्था की गई है। राजस्व अमला लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए है।

कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा है कि जिले में बाढ़ आपदा राहत प्रबंधन के लिए कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है। सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं जनपद सीईओ को अपने-अपने क्षेत्रों में अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, नदी-नालों के किनारे न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल जिला कंट्रोल रूम को सूचित करें। जिला प्रशासन की इस तत्परता की चारों ओर सराहना हो रही है।

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