डोंगरगढ़ : दूसरे राज्य की शराब की खेप छत्तीसगढ़ में खपाने की कोशिश का मामला एक बार फिर सामने आया है। डोंगरगढ़ में आबकारी विभाग ने कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश निर्मित अंग्रेजी शराब की 45 पेटियां जब्त की हैं। शराब परिवहन में इस्तेमाल की जा रही रायपुर पासिंग स्कॉर्पियो को भी विभाग ने कब्जे में लिया है।
बताया जा रहा है कि आबकारी विभाग को शराब की खेप के परिवहन की सूचना पहले ही मुखबिर से मिल गई थी। सूचना के आधार पर टीम ने झिंझारी और मडियान रोड के बीच नाकेबंदी की। इसी दौरान संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें मध्यप्रदेश निर्मित शराब की करीब 45 पेटियां बरामद हुईं।
शराब मिली, स्कॉर्पियो मिली… लेकिन आरोपी कहां गए?
आबकारी विभाग के मुताबिक कार्रवाई के दौरान स्कॉर्पियो में सवार आरोपी वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। टीम ने आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वे हाथ नहीं आए। फिलहाल उनकी पहचान और तलाश की जा रही है।
इस घटनाक्रम में एक अहम सवाल भी सामने आया है। जब विभाग को पहले से शराब की खेप की सूचना मिली थी और संभावित रास्ते पर नाकेबंदी की गई थी, तो संदिग्ध वाहन तक पहुंचने के बावजूद उसमें सवार लोग मौके से कैसे फरार हो गए? हालांकि, इस संबंध में विभाग की ओर से आरोपियों के फरार होने की विस्तृत वजह सामने नहीं आई है।
45 पेटी शराब के पीछे किसका नेटवर्क?
बरामद शराब के मध्यप्रदेश निर्मित होने के बाद अब जांच का दायरा केवल जब्ती तक सीमित नहीं है। विभाग के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि शराब कहां से लाई गई थी, किसके जरिए भेजी गई और इसे आगे कहां खपाया जाना था।
एक वाहन में 45 पेटी शराब की खेप मिलने के बाद संभावित सप्लाई चैन को लेकर भी जांच की जा रही है। फरार आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही इस पूरे मामले से जुड़े अन्य लोगों और शराब की सप्लाई के रास्ते की जानकारी सामने आने की संभावना है।
जब्ती के साथ आरोपियों की तलाश भी अहम
आबकारी विभाग ने शराब और परिवहन में इस्तेमाल वाहन को जब्त कर लिया है। अब फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। मामले में आगे की जांच के दौरान यह स्पष्ट होगा कि यह शराब की एक खेप थी या इसके पीछे कोई संगठित सप्लाई नेटवर्क सक्रिय था।
फिलहाल विभाग के हाथ 45 पेटी मध्यप्रदेश निर्मित अंग्रेजी शराब और एक स्कॉर्पियो लगी है, जबकि वाहन में सवार आरोपी मौके से फरार बताए जा रहे हैं। अब कार्रवाई का अगला चरण फरार आरोपियों तक पहुंचने और शराब की सप्लाई के स्रोत का पता लगाने पर टिका है।




