बेमेतरा : साइबर ठगी के लिए बैंक खातों का इस्तेमाल किए जाने के मामले में बेमेतरा पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर बैंक खाते उपलब्ध कराने और कथित साइबर ठगी से जुड़ी रकम खाते में प्राप्त करने का आरोप है। जांच में हरियाणा के सिरसा जिले के एक व्यक्ति से 1.04 लाख रुपये की साइबर ठगी से संबंधित लेनदेन सामने आया है। दोनों आरोपियों को 16 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर अदालत में पेश किया गया।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव, एसडीओपी बेमेतरा भूषण एक्का और एसडीओपी बेरला रुचि वर्मा के मार्गदर्शन में जिले की पुलिस और साइबर सेल ऑनलाइन ठगी करने वालों तथा उन्हें सहयोग देने के संदेह में शामिल लोगों पर नजर रख रही है।
बैंक खाते में जमा मिले 1.04 लाख रुपये
पुलिस के अनुसार, चौकी देवरबीजा, थाना सिटी कोतवाली बेमेतरा को मिली जानकारी के आधार पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र की देवरबीजा शाखा के एक खाते का स्टेटमेंट जांचा गया। इसमें 25 अक्टूबर 2024 को यूपीआई के माध्यम से 1 लाख 4 हजार रुपये जमा होने का लेनदेन सामने आया।
पुलिस ने बताया कि यह रकम हरियाणा के सिरसा जिले के थाना रनिया क्षेत्र के निवासी तारसेम सिंह के साथ हुई कथित साइबर ठगी से संबंधित थी। जांच में संदेह जताया गया कि संबंधित खाते में ठगी से प्राप्त रकम जमा कर उसे छिपाने का प्रयास किया गया। इसके आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2), 317(5), 111 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पूछताछ में बैंक खाता बेचने की बात सामने आने का दावा
विवेचना के दौरान बैंक से प्राप्त जानकारी के आधार पर खाते के धारक की पहचान महेश भारती, निवासी ग्राम संबलपुर, थाना साजा, जिला बेमेतरा के रूप में हुई। पुलिस ने 16 अक्टूबर को उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि महेश भारती ने अपना बैंक खाता संबलपुर निवासी नरसिंग मनहरे को कथित तौर पर 1,000 रुपये में दिया था। पुलिस का कहना है कि नरसिंग मनहरे ने पूछताछ के दौरान महेश भारती सहित अन्य लोगों के बैंक खातों को दूसरे व्यक्तियों तक पहुंचाने की बात स्वीकार की।
पुलिस मामले में यह पता लगाने के लिए आगे जांच कर रही है कि इन खातों का इस्तेमाल किन लोगों ने किया और साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में अन्य कौन-कौन शामिल हो सकते हैं।
दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
बेमेतरा पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई है:
- महेश भारती (28 वर्ष): पिता हेमरू दास भारती, निवासी वार्ड नंबर 3, संबलपुर, थाना साजा, जिला बेमेतरा।
- नरसिंग मनहरे (25 वर्ष): पिता झगला मनहरे, निवासी वार्ड नंबर 2, संबलपुर, थाना साजा, जिला बेमेतरा।
पुलिस के अनुसार, दोनों को 16 अक्टूबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर अदालत में पेश किया गया। मामले की विवेचना जारी है।
म्यूल बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी पर पुलिस की नजर
साइबर अपराधों में कई बार दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम प्राप्त करने और आगे स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है। ऐसे खातों को आम तौर पर ‘म्यूल अकाउंट’ कहा जाता है। खाताधारक को कमीशन या थोड़ी रकम का लालच देकर खाता उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
बेमेतरा पुलिस ने म्यूल खाते उपलब्ध कराने वालों और दूसरों को खाते खुलवाने के लिए प्रेरित करने वालों की पहचान कर कार्रवाई करने की बात कही है। पुलिस की इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक ईश्वरी कुमारी डुप्ले, सहायक उप निरीक्षक दीनानाथ सिन्हा, प्रधान आरक्षक जावेद खान, नंदलाल चतुर्वेदी, अवधेश सिंह तथा आरक्षक मुकेश सिंह, मुकेश कुमार चंद्रवंशी और रोशन वर्मा सहित देवरबीजा चौकी के अन्य कर्मचारियों की भूमिका रही।




