23 गांवों के 155 लोगों ने रखीं व्यक्तिगत, सामुदायिक एवं क्षेत्रीय समस्याएं, तहसीलदार को सौंपा गया ज्ञापन
परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद : जिले के गांधी मैदान में 22 अक्टूबर 2026 को महिला भूमि अधिकार, आजीविका, वनाधिकार अधिनियम तथा ग्रामीणों की विभिन्न व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं को लेकर जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गरियाबंद जिले के 23 गांवों से पहुंचे 155 लोगों सहित धमतरी जिले के लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। जन संवाद के माध्यम से ग्रामीणों एवं महिलाओं से जुड़े अधिकारों, आजीविका के साधनों और क्षेत्रीय समस्याओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक जनक ध्रुव ने सहभागिता करते हुए जन संवाद में उठाए गए मुद्दों तथा 13 सूत्रीय मांगों का समर्थन किया और उनके निराकरण के लिए आवश्यक प्रयास करने की बात कही।कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के छायाचित्र पर पूजा-अर्चना कर किया गया। इसके पश्चात उपस्थित लोगों ने महिलाओं के भूमि अधिकार, आजीविका के अवसरों, वनाधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त समस्याओं पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण समुदायों की आवाज को एक साझा मंच प्रदान करना और शासन-प्रशासन तक उनकी मांगों को पहुंचाकर समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करना रहा।
महिलाओं के अधिकार और आजीविका के मुद्दों पर हुई चर्चा
महिला भूमि अधिकार एवं आजीविका परियोजना की समन्वयक सविता रथ ने जन संवाद कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं के अधिकारों और आजीविका से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, भूमि पर अधिकार सुनिश्चित करने तथा आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए उनके अधिकारों की पहचान और उन्हें व्यवहार में सुनिश्चित करना आवश्यक है।प्रयोग समाज सेवी संस्था के अध्यक्ष सीताराम सोनवानी ने वनाधिकार अधिनियम से संबंधित विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने व्यक्तिगत वनाधिकार, सामुदायिक वनाधिकार तथा क्षेत्रीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं को जन संवाद के माध्यम से सामने रखने की आवश्यकता बताई। चर्चा के दौरान ग्रामीणों के अधिकारों, उनके संसाधनों तक पहुंच और समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक पहल पर जोर दिया गया।
13 सूत्रीय मांगों को विधायक जनक ध्रुव का समर्थन
जन संवाद कार्यक्रम में पहुंचे बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव ने ग्रामीणों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना। उन्होंने जन संवाद में प्रस्तुत 13 सूत्रीय मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि इन मांगों के निराकरण के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। कार्यक्रम में उनकी सहभागिता को ग्रामीणों की समस्याओं को जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखने और समाधान की दिशा में पहल करने के रूप में देखा गया।
कार्यक्रम में उठाई गई मांगों और समस्याओं को संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से गरियाबंद तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों एवं आयोजकों ने संबंधित विषयों पर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए आवश्यक कार्रवाई और समस्याओं के निराकरण की अपेक्षा जताई।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी रखे विचार
कार्यक्रम में राकेश कुमार, रायगढ़ तथा रीना रामटेके, पेंड्रा-गौरेला-मरवाही ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने अपने अनुभवों और सामाजिक सरोकारों के माध्यम से अधिकारों, ग्रामीण समस्याओं तथा समुदाय की भागीदारी जैसे विषयों पर चर्चा की। जन संवाद में विभिन्न गांवों से आए लोगों को अपनी समस्याएं और अपेक्षाएं साझा करने का अवसर मिला।इस अवसर पर रेवती यादव, सुनीता कुर्रे, राजेन्द्र राजपूत, जानकी जगत, दयावती नागेश, दिलेश नेताम, हिरौदी नेताम, लक्ष्मी नेताम और रामेश्वरी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नूरानी जैन ने किया।
पत्रकारों के साथ प्रेस वार्ता कर दी गई जानकारी
जन संवाद कार्यक्रम के संबंध में पत्रकारों के साथ प्रेस वार्ता भी आयोजित की गई। इसमें कार्यक्रम के उद्देश्यों, महिला भूमि अधिकार, आजीविका, वनाधिकार अधिनियम तथा ग्रामीणों की व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं से जुड़े मुद्दों की जानकारी साझा की गई। आयोजकों ने जन संवाद को ग्रामीणों की समस्याओं को सामूहिक रूप से सामने लाने और संबंधित विभागों तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया।कुल मिलाकर, गरियाबंद के गांधी मैदान में आयोजित यह जन संवाद महिला अधिकारों, ग्रामीण आजीविका और वनाधिकार से जुड़े सवालों पर सामूहिक चर्चा का मंच बना। अब इन मुद्दों पर प्रशासनिक स्तर पर होने वाली पहल और 13 सूत्रीय मांगों के निराकरण की दिशा में उठाए जाने वाले कदम महत्वपूर्ण होंगे।




