कवर्धा में तेंदुए की दहशत के बीच वन विभाग सख्त, AI से बनी फर्जी तस्वीरें फैलाने वालों पर होगी FIR!

Spread the love

 

कवर्धा टेकेश्वर दुबे :जिला कबीरधाम में विगत लगभग 2 सप्ताह से कवर्धा नगर एवं निकटवर्ती वनक्षेत्र में तेंदुआ दिखाई देने संबंधी सूचनाएं विभिन्न समाचार पत्रों, व्हाट्सएप ग्रुपों, सोशल मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से वन विभाग को प्राप्त हुई हैं। सूचना प्राप्त होते ही वन विभाग द्वारा तत्काल संज्ञान लेकर निम्नानुसार कार्यवाही की जा रही है:-

वन विभाग द्वारा की गई कार्यवाही
1. सतत् गश्त : परिक्षेत्र अधिकारी, कवर्धा एवं परिक्षेत्र अधिकारी, भोरमदेव अभयारण्य, कवर्धा द्वारा गश्ती दल गठित किया गया है, जो प्रतिदिन प्रातः 4 बजे से 8 बजे तक एवं सायंकाल 6 बजे से रात्रि 2 बजे तक विगत 2 सप्ताह से शिक्षक कॉलोनी, राजमहल एवं समनापुर रोड, खूंटू रोड, साधना नगर, लकड़ी टाल, मठ पारा, नवीन बाज़ार एवं 17वीं बटालियन परिसर में निरंतर गश्त कर रहा है।

2. ड्रोन से निगरानी : प्रातःकाल में सामान्य (नॉर्मल) ड्रोन एवं रात्रि में थर्मल ड्रोन की सहायता से क्षेत्र की सतत् निगरानी की जा रही है।
3. वन्यजीव विशेषज्ञों की तैनाती : कानन पेंडारी, बिलासपुर एवं जंगल सफारी, रायपुर से वाइल्डलाइफ विशेषज्ञों को बुलाया गया है। उनकी देखरेख में तेंदुए को सुरक्षित रूप से पकड़ने हेतु लकड़ी टाल, मठ पारा, नवीन बजाज एवं 17वीं बटालियन परिसर में केज (पिंजरा) लगाकर उसमें बकरी रखी गई है।

भ्रामक सूचनाओं के संबंध में चेतावनी
वन विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा व्हाट्सएप ग्रुपों, सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से तेंदुआ दिखाई देने की असत्य/अपुष्ट सूचनाएं तथा ए.आई. (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) की सहायता से निर्मित भ्रामक फोटो एवं वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं। इससे आमजन में भय एवं दहशत का वातावरण निर्मित हो रहा है तथा वन विभाग के अमले एवं विशेषज्ञ दल के कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है।

अतः आमजन से अपील है कि बिना पुष्टि के किसी भी फोटो, वीडियो या संदेश को साझा/फॉरवर्ड न करें। तेंदुआ दिखाई देने की सूचना केवल वन विभाग के अधिकृत अधिकारियों/कर्मचारियों को ही दें।

ये भी पढ़े :छत्तीसगढ़ में अवैध प्रवासियों के विरुद्ध होगी सख्त कार्रवाई : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

इस प्रकार की भ्रामक, अफवाहजनक एवं ए.आई. जनित सामग्री बनाने, प्रसारित करने या अग्रेषित करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध प्रचलित कानूनों के अंतर्गत कठोर विधिक कार्यवाही की जाएगी, जिनमें अन्य के साथ-साथ निम्नलिखित प्रावधान सम्मिलित हो सकते हैं

1. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 353 : जनता में भय या संत्रास उत्पन्न करने वाले कथन, अफवाह या रिपोर्ट प्रसारित करना (लोक रिष्टिकारक कथन)।
2. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 336 : इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख/सामग्री की कूटरचना (जालसाजी), जिसमें कृत्रिम रूप से तैयार फोटो-वीडियो का उपयोग भी सम्मिलित है।
3. भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 221 एवं 223 : लोक सेवक के शासकीय कार्य में बाधा डालना तथा लोक सेवक द्वारा जारी आदेश/निर्देश की अवहेलना।
4. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 एवं उसके अंतर्गत बने नियम : इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भ्रामक सामग्री के प्रसारण पर कार्यवाही तथा ऐसी सामग्री/खातों को हटवाने एवं प्रतिबंधित कराने की कार्यवाही।
5. वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 एवं छत्तीसगढ़ वन अधिनियम/नियम : वन्यप्राणी के रेस्क्यू/संरक्षण कार्य में बाधा उत्पन्न करने, वन्यप्राणी को क्षति पहुँचाने या उसे उकसाने की स्थिति में।
साथ ही, ऐसी सामग्री के प्रसारकों के विरुद्ध साइबर सेल एवं पुलिस विभाग के सहयोग से जांच कर एफ.आई.आर. दर्ज कराई जाएगी।

आमजन से अपील
1. अफवाहों पर विश्वास न करें तथा अपुष्ट फोटो/वीडियो साझा न करें।
2. रात्रि एवं अलसुबह अकेले बाहर निकलने से बचें; बच्चों एवं पालतू पशुओं का विशेष ध्यान रखें।
3. तेंदुआ दिखाई देने पर स्वयं उसके पास जाने, पीछा करने, फोटो/वीडियो लेने या भीड़ लगाने का प्रयास न करें।
4. तत्काल वन विभाग को सूचित करें।
सूचना हेतु संपर्क: परिक्षेत्र अधिकारी, कवर्धा / भोरमदेव अभयारण्य, कवर्धा — मोबाइल नं. 9981426667, 7000030662
वन विभाग आमजन की सुरक्षा के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है तथा तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने हेतु सभी आवश्यक प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *