रायपुर : छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के बाद एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब तेजी से मजबूत हो रहा है और अगले 24 घंटे में इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में बारिश होने के आसार हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 2 और 3 नवंबर को प्रदेश में काफी व्यापक से लेकर व्यापक वर्षा हो सकती है। वहीं, 3 से 4 नवंबर के बीच छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में इसका असर देखने को मिल सकता है।
मौसम के इस बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, 28 और 29 अक्टूबर को चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से हुई बारिश के कारण धान की फसल पहले ही प्रभावित हुई है। खेतों में पानी भरने और लगातार बारिश से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में एक बार फिर बारिश की आशंका ने फसल को लेकर उनकी परेशानी बढ़ा दी है।
आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट
मौसम विभाग ने 2 नवंबर को छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की गति कुछ स्थानों पर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।
इसके अलावा 3 और 4 नवंबर को भी प्रदेश के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पहले बढ़ेगा तापमान, फिर बारिश की गतिविधियां होंगी तेज
मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दो दिनों में छत्तीसगढ़ के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, इसके बाद बारिश की गतिविधियों में तेजी आने का अनुमान है। यानी कुछ समय के लिए तापमान बढ़ने के बाद प्रदेश में फिर बादलों और बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
पिछले 24 घंटे में कहां कितनी हुई बारिश?
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि एक-दो जगहों पर भारी बारिश हुई। सबसे अधिक 7 सेंटीमीटर वर्षा जशपुर जिले के मनोरा में दर्ज की गई।
बारिश के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
मनोरा (जशपुर) – 7 सेंटीमीटर
कुनकुरी (जशपुर) – 5 सेंटीमीटर
कुसमी (बलरामपुर) – 5 सेंटीमीटर
बगीचा (जशपुर) – 4 सेंटीमीटर
तपकरा और सन्ना (जशपुर) – 3-3 सेंटीमीटर
कांसाबेल (जशपुर) – 3 सेंटीमीटर
सामरी (बलरामपुर) – 2 सेंटीमीटर
लैलूंगा (रायगढ़) – 2 सेंटीमीटर
पत्थलगांव (जशपुर) – 2 सेंटीमीटर
चांदो (बलरामपुर) – 2 सेंटीमीटर
जशपुरनगर – 2 सेंटीमीटर
तापमान की बात करें तो प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में रिकॉर्ड हुआ।
रायपुर में आज गरज-चमक के साथ बारिश के आसार
राजधानी रायपुर में 1 नवंबर को मौसम में बदलाव के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
किसानों की बढ़ी चिंता, फिर प्रभावित हो सकती है धान की फसल
प्रदेश में लगातार बदल रहे मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में हुई बारिश से कई इलाकों में धान की फसल प्रभावित होने की बात सामने आई थी। अब 2 से 4 नवंबर के बीच फिर बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
आने वाले दिनों में प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, कुछ इलाकों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। किसानों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन की सलाह के अनुसार सावधानी बरतने की जरूरत है।



