पटवारियों ने खोला मोर्चा, 16 साल से लंबित पदोन्नति और वेतन विसंगति पर सरकार से न्याय की मांग

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गरियाबंद:- राजस्व पटवारी संघ, जिला गरियाबंद ने सोमवार को अपनी वर्षों पुरानी मांगों को लेकर सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन देकर करीब 16 वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को तत्काल शुरू करने और वेतन विसंगति का शीघ्र निराकरण करने की मांग की।

संघ का कहना है कि पदोन्नति की कोई निश्चित समय-सीमा नहीं होने के कारण वर्ष 2010 बैच सहित बड़ी संख्या में पटवारी आज भी उसी पद पर कार्यरत हैं। इससे कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है और राजस्व व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

क्या हैं प्रमुख मांगें?
16 वर्षों से लंबित पटवारियों की पदोन्नति प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाए।
राजस्व निरीक्षक (RI) के सभी रिक्त पद केवल पटवारियों की पदोन्नति से भरे जाएं।
पदोन्नति के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की जाए।RI के पदों पर सीधी भर्ती पूरी तरह बंद की जाए।पदोन्नति का 50% वरिष्ठता और 50% विभागीय परीक्षा के आधार पर निर्धारण किया जाए।वेतन निर्धारण में वर्ष 2010 सहित विभिन्न भर्ती बैचों की विसंगतियां दूर की जाएं।

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वेतन विसंगति से आर्थिक नुकसान
संघ ने ज्ञापन में बताया कि ग्रेड पे ₹2200 से ₹2400 होने पर मूल वेतन ₹36,200 निर्धारित है, लेकिन ₹2400 से ₹2800 ग्रेड पे होने पर मूल वेतन ₹35,300 निर्धारित कर दिया गया, जो वेतन संरचना के मूल सिद्धांतों के विपरीत है। संघ के अनुसार मूल वेतन कम होने से पटवारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है तथा भविष्य की वेतन वृद्धि, पदोन्नति, पेंशन और अन्य सेवा लाभ भी प्रभावित हो रहे हैं।

सरकार से जल्द निर्णय की उम्मीद
राजस्व पटवारी संघ ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। संघ का कहना है कि मांगें पूरी होने से कर्मचारियों को न्याय मिलेगा और राजस्व व्यवस्था भी अधिक मजबूत होगी।

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