1.31 करोड़ की धान गड़बड़ी का बड़ा खुलासा! बोरियों में मिट्टी मिलाने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार

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सक्ती : डभरा ब्लॉक के धान खरीदी केंद्र पुटीडीह में धान की बोरियों में मिट्टी मिलाकर शासन को 1.31 करोड़ रुपये का चूना लगाने के मामले में मास्टरमाइंड संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत और प्राधिकृत अधिकारी श्यामा बाई को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

यह पूरा मामला 24 नवंबर 2025 का है। जब धान खरीदी चल रही थी, इसी दौरान अधिकारियों को जानकारी मिली कि डभरा ब्लॉक के धान खरीदी केंद्र पुटीडीह में रात के समय धान की बोरियों में मिट्टी मिलाई जा रही है। देर रात जिला पंचायत सीईओ टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो शिकायत सही मिली। जांच में पता चला कि खरीदी केंद्र से 4200 क्विंटल धान गायब है, जिसकी पूर्ति करने के लिए धान की बोरियों में मिट्टी मिलाकर भेजी जा रही थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने एफआईआर कराने के निर्देश दिए और जिस पर खरीदी केंद्र प्रभारी प्रकाश महंत के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, मगर मामले में शामिल संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत, कंप्यूटर ऑपरेटर द्रोण प्रताप शांडिल्य और प्राधिकृत अधिकारी श्याम बाई का नाम शामिल नहीं था।

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जांच में ये सभी भी जिम्मेदार थे और इन्हीं की देखरेख में खरीदी का कार्य हो रहा था। जिसके बाद 29/5/26 को कार्यालय सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं, जिला सक्ती से एक और पत्र जारी हुआ, जिसमें अन्य दोषी संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत, कंप्यूटर ऑपरेटर द्रोण प्रताप शांडिल्य और प्राधिकृत अधिकारी श्याम बाई के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। मगर दो महीने तक डभरा थाना प्रभारी राजेश पटेल टालमटोल करता रहा और आज जिला प्रशासन के दबाव में आखिरकार मामले में शामिल 2 अन्य आरोपी शशिकांत महंत और श्यामा बाई के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।

कलेक्टर ने कहा- एक तो चोरी, ऊपर से सीना जोरी

आरोपी संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत ने 6 अगस्त 2026 को मानवाधिकार आयोग को एक शिकायत की है, जिसमें उसने सक्ती कलेक्टर पर टॉयलेट साफ कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, शिकायत के साथ एक वीडियो भी दिया है, जिसमें शशिकांत टॉयलेट साफ करता दिख रहा है और कोई उसका वीडियो बना रहा है।

प्रथम वीडियो को लेकर सक्ती कलेक्टर से हमने बात की तो उन्होंने बताया कि यह बिल्कुल झूठा आरोप है। शशिकांत महंत पिछले दो महीनों से अपने किए गए भ्रष्टाचार से बचने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रहा था, मगर मैंने साफ कह दिया था कि कार्रवाई होकर रहेगी। उसने जो वीडियो बनाया है, वो उसका षड्यंत्र है। वो कहीं भी जाकर टॉयलेट साफ करके वीडियो बना सकता है, उसकी हम निगरानी कैसे करेंगे? कलेक्टर ने कहा कि हमने कराया होता तो उसको वीडियो कैसे मिलता।

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