रायपुर : किराए में बढ़ोतरी समेत विभिन्न मांगों को लेकर बस ऑनर फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ ने 22 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है। हड़ताल से पहले बुधवार को फेडरेशन के पदाधिकारियों और बस संचालकों की परिवहन मंत्री केदार कश्यप के साथ अहम बैठक हुई। बैठक में यात्री किराया, स्लीपर बसों के टैक्स, समय-सारिणी, ऑनलाइन परमिट और यात्रियों की सुरक्षा समेत परिवहन क्षेत्र से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
परिवहन मंत्री ने फेडरेशन की ओर से रखी गई मांगों और बस संचालकों की व्यावहारिक समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने अधिकारियों को नियमानुसार समस्याओं का समाधान करने और यात्रियों को सुरक्षित, सुलभ एवं सुविधाजनक परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
यात्री किराए में 75% बढ़ोतरी की मांग
बैठक में फेडरेशन ने साधारण यात्री बसों के किराए में 75 प्रतिशत और डीलक्स बसों के किराए में 30 प्रतिशत वृद्धि करने की मांग रखी। इसके अलावा 11 मार्च 2025 को जारी संशोधित अधिसूचना को निरस्त करने का मुद्दा भी मंत्री के सामने रखा गया।
मंत्री केदार कश्यप ने फेडरेशन को भरोसा दिलाया कि यात्री किराए से जुड़े विषय का जल्द समाधान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
स्लीपर बसों के टैक्स में बदलाव की मांग
बस संचालकों ने स्लीपर बसों में वर्तमान टैक्स व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। फेडरेशन ने एक स्लीपर के बदले दो सीटों के बराबर टैक्स लेने की व्यवस्था समाप्त कर एक स्लीपर पर एक सीट के बराबर टैक्स निर्धारित करने की मांग की।
मंत्री ने इस मांग पर गंभीरता से विचार करने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों को इसके व्यावहारिक, तकनीकी और राजस्व से जुड़े सभी पहलुओं का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बसों की टाइमिंग को व्यवस्थित करने पर जोर
स्टेज कैरिज बसों के बीच समय-अंतराल निर्धारित करने के विषय पर भी चर्चा हुई। फेडरेशन ने मुख्य मार्गों पर बसों के बीच 10 मिनट और ग्रामीण मार्गों पर 30 मिनट का अंतर रखने का सुझाव दिया।
मंत्री ने कहा कि बसों की समय-सारिणी ऐसी होनी चाहिए, जिससे यात्रियों को पर्याप्त सुविधा मिले और बस संचालकों के बीच अनावश्यक प्रतिस्पर्धा की स्थिति न बने। उन्होंने यात्रियों की सुविधा और बसों के व्यवस्थित संचालन को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
परमिट समेत ज्यादा सेवाएं होंगी ऑनलाइन
बैठक में स्टेज कैरिज वाली यात्री बसों के लिए पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन परमिट जारी करने की सुविधा का मुद्दा भी उठा। अधिकारियों ने बताया कि बसों के लिए ऑनलाइन परमिट जारी किए जा रहे हैं।
परिवहन मंत्री ने परमिट सहित परिवहन विभाग की अधिक से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक होनी चाहिए, ताकि बस संचालकों और आम लोगों को विभागीय काम के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
महिला यात्रियों की सुरक्षा पर खास जोर
मंत्री केदार कश्यप ने बसों में महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि बस में पहली या अंतिम सवारी महिला हो, तो वाहन की ऑनलाइन ट्रैकिंग की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने बसों में लगे कैमरे, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और अन्य सुरक्षा उपकरणों को सक्रिय रखने तथा उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। महिला यात्री के सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचने तक बस की स्थिति पर नजर रखने के लिए तकनीक आधारित व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।
ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवा बेहद महत्वपूर्ण
मंत्री ने कहा कि बस संचालक प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में आम लोगों के आवागमन के लिए यात्री बसें प्रमुख साधन हैं। ऐसे में बस संचालकों की व्यावहारिक समस्याओं का नियमानुसार समाधान करने के साथ यात्रियों के हित और सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखना जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों का बिंदुवार परीक्षण करने और जिन मांगों पर विभागीय स्तर पर निर्णय लिया जा सकता है, उन पर जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में छत्तीसगढ़ फूड कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एवं बस ऑनर फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ के संरक्षक संजय श्रीवास्तव, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर, फेडरेशन अध्यक्ष अनिल पूसदकर सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।




