मुखिया के मुखारी – बाबा वक्त मौन रहने का नही,बोलने का है
मुखिया के मुखारी – बाबा वक्त मौन रहने का नही,बोलने का है
मोर गांव अउ तोर सहर के खबर, छत्तीसगढ़ के हर गढ़ के खबर
मुखिया के मुखारी – बाबा वक्त मौन रहने का नही,बोलने का है
मुखिया के मुखारी – नियती बदल ली आपनें अपनी,नीयत बदल के
मुखिया के मुखारी – हम तों मौन नही रहेंगे…हर राज खोलेंगे
मुखिया के मुखारी –वक्फ संशोधन करेगा भारतीय राजनीति का शोधन
मुखिया के मुखारी –न्याय कब कैसे और कौन सी सरकार देगी ?
मुखिया के मुखारी –बहुमत को तरसाना है,लड़ाकर उन्हें सत्ता पाना हैं
मुखिया के मुखारी – आप उड़ता तीर नही ताड़ (पेंड़) ले रहे ,दर्द आपार ले रहे
मुखिया के मुखारी – कारिंदों ,आकाओं, घोटालेबाजों को हर घोटाले की सजा दीजिए
मुखिया के मुखारी –कौन है वों पिता (नेता ) जिसे औरंगजेब जैसा पुत्र चाहिए ?