CG News: मुआवजे की अपील में 389 दिन की देरी, पंजाब रोडवेज पर हाईकोर्ट ने लगाया 38 हजार का जुर्माना

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बिलासपुर : सड़क हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिजनों को मुआवजा देने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पंजाब रोडवेज की बस प्रबंधन कंपनी पर 38 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। ट्रिब्यूनल के फैसले को चुनौती देने के लिए अपील दायर करने में कंपनी ने 389 दिन की देरी की थी। हाईकोर्ट ने देरी को माफ करते हुए अपील सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली है, लेकिन इसके साथ पीड़ित परिवार को मुआवजे की 50 प्रतिशत राशि जमा करने की शर्त रखी है।मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल की एकलपीठ में हुई।

मुआवजे की अपील में 389 दिन की देरी

जानकारी के अनुसार, सड़क दुर्घटना में मृत व्यक्ति के परिजनों को ट्रिब्यूनल ने एक करोड़ 9 हजार 160 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था। इस फैसले के खिलाफ पंजाब रोडवेज की बस प्रबंधन कंपनी ने हाईकोर्ट में अपील की, लेकिन निर्धारित समयसीमा के बाद अपील दायर करने में 389 दिन की देरी हो गई।

देरी से अपील दाखिल करने के मामले में हाईकोर्ट ने कंपनी पर 38 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। हालांकि, अदालत ने विलंब को माफ कर अपील पर सुनवाई का रास्ता खोल दिया है।

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मुआवजे की 50 फीसदी राशि परिवार के खाते में जमा करने की शर्त

हाईकोर्ट ने अपील की सुनवाई के दौरान मुआवजा राशि को लेकर शर्त भी तय की है। इसके अनुसार, ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित मुआवजे की 50 प्रतिशत राशि पीड़ित परिवार के बैंक खाते में जमा करनी होगी। इसके बाद शेष राशि के भुगतान पर अदालत के अंतिम फैसले तक रोक रहेगी।

इस व्यवस्था के तहत पीड़ित परिवार को मुआवजे की आधी राशि उपलब्ध कराने और शेष रकम के संबंध में अंतिम निर्णय आने तक स्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।

राशि खर्च करने की अनुमति, लेकिन वापसी की शर्त भी

अदालत ने पीड़ित परिवार को जमा राशि खर्च करने की सशर्त अनुमति दी है। हालांकि, यदि अपील पर अंतिम फैसला पंजाब रोडवेज की कंपनी के पक्ष में आता है और अदालत राशि लौटाने का निर्देश देती है, तो परिवार को संबंधित रकम वापस करनी होगी।

इस तरह हाईकोर्ट ने एक ओर अपील में हुई देरी को माफ कर मामले की सुनवाई की अनुमति दी है, वहीं मुआवजे की राशि और उसके संभावित भुगतान को लेकर शर्तें भी निर्धारित की हैं। अब मामले में आगे की सुनवाई के बाद मुआवजे से जुड़े विवाद पर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

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