छत्तीसगढ़ी भाषा, साहित्य और संस्कृति हमारी पहचान एवं अमूल्य धरोहर : सांसद विजय बघेल

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बेमेतरा टेकेश्वर दुबे :  राजभाषा आयोग के दसवें प्रांतीय सम्मेलन का आज गरिमामय आयोजन होटल द किंग पैलेस, बेमेतरा में किया गया। कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
सम्मेलन में बेमेतरा विधायक दीपेश साहू, पूर्व विधायक अवधेश सिंह चंदेल एवं नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

बस्तरिया नृत्य से अतिथियों का भव्य स्वागत
अतिथियों के आगमन पर रायपुर से पधारे कलाकारों द्वारा छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति एवं बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करते हुए शानदार बस्तरिया लोकनृत्य की प्रस्तुति देकर आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया गया।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
छत्तीसगढ़ महतारी एवं मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।

सांसद विजय बघेल ने कहा- साहित्यकार माटी की खुशबू को पीढ़ियों तक पहुंचा रहे हैं
मुख्य अतिथि सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी लोकभाषा, लोककला, साहित्य और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से है। भाषा एवं साहित्य को सहेजने में राजभाषा आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है। साहित्यकार अपनी रचनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।

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विधायक दीपेश साहू ने कहा- भाषा हमारी माटी और पहचान से जुड़ी है
विधायक दीपेश साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा हमारी माटी, संस्कृति, परंपरा और पहचान से जुड़ी है। मां भद्रकाली की पावन नगरी बेमेतरा में प्रांतीय सम्मेलन का आयोजन पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा से जुड़ती है। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल एवं विधायक श्री दीपेश साहू ने साहित्यकारो द्वारा लगाए गए पुस्तक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

साहित्यकारों का हुआ सम्मान
सम्मेलन के दौरान साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों एवं साहित्य साधकों का सम्मान किया गया। प्रदेश के विभिन्न अंचलों से पहुंचे साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं और विचारों के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा की समृद्ध परंपरा को सामने रखा।

ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा, सचिव सुश्री अभिलाषा बेहार, डॉ. चितरंजन कर, कवि मीर अली मीर, रामानंद त्रिपाठी, श्याम कश्यप, विजय साहू, विजय मिश्रा, मोहित राम वर्मा, ईश्वर साहू, परदेसी राम वर्मा, कृष्णा भारती, बलदाऊ राम साहू सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।

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