नारायणपुर : छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर प्रदेश की युवा शक्ति को ‘विकसित भारत 2047’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से नारायणपुर में ‘युवा उड़ान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ए.जी. ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय खिलाड़ियों, दिव्यांगजनों, कौशल विकास प्रशिक्षणार्थियों और आत्मसमर्पित पूर्व नक्सली युवाओं ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में युवाओं के कौशल, शिक्षा, खेल और रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

‘हुनरमंद युवा ही गढ़ेंगे स्वर्णिम भविष्य’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष में प्रदेश की युवा शक्ति विकास की नई दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को साकार करने में युवाओं की भागीदारी जरूरी है। बस्तर के प्रतिभावान विद्यार्थी, खिलाड़ी और कौशल विकास से जुड़े युवा अपनी प्रतिभा के दम पर प्रदेश का भविष्य गढ़ सकते हैं।
मंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं के हुनर, शिक्षा और खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
‘सिर्फ किताबी शिक्षा पर्याप्त नहीं’
राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि केवल किताबी शिक्षा से सफलता हासिल करना पर्याप्त नहीं है। युवाओं को अपने हुनर, कौशल, जिज्ञासा और रचनात्मकता को लगातार विकसित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को सही दिशा और मंच उपलब्ध कराना ही ‘युवा उड़ान’ का मुख्य उद्देश्य है। इसके जरिए युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की सोच विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
विशेषज्ञों ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र
कार्यक्रम के दौरान आयोजित बौद्धिक सत्रों में विशेषज्ञों ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण और भविष्य की चुनौतियों को लेकर मार्गदर्शन दिया।
डॉ. मीनाक्षी ठाकुर ने विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की। वहीं डॉ. विश्वजीत ने राष्ट्रीय विषयों के संवैधानिक और व्यावहारिक पहलुओं को सरल तरीके से समझाया। उन्होंने ‘एक देश-एक चुनाव’ की महत्ता पर भी प्रकाश डाला।
डॉ. सतीश पाण्डेय ने प्रेरक कहानियों के जरिए युवाओं को सकारात्मक सोच रखने और लगातार सीखते रहने के लिए प्रेरित किया।
मेधावी विद्यार्थियों और खिलाड़ियों का सम्मान
कार्यक्रम में शिक्षा और खेल के क्षेत्र में जिले का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में कक्षा 10वीं में 94.33 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में प्रथम स्थान पाने वाली छात्रा भाविका देवांगन और 94 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान हासिल करने वाली कोविता कोर्राम को सम्मानित किया गया।
खेल के क्षेत्र में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के मलखंभ विजेता संताय पोटाई और मोनिका पोटाई को सम्मान मिला। इसके अलावा खेलो इंडिया फुटबॉल के उपविजेता शशिकांत कुमेटी और मनीष कोवाची, ऑल इंडिया खो-खो क्वालीफायर अमृता गोटा, नेशनल स्कूल गेम्स खो-खो विजेता शामुएल कल्लो और किशोर कावड़ो तथा राष्ट्रीय खिलाड़ी दिव्या कांगे को भी खेल पुरस्कार से नवाजा गया।
युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर
‘युवा उड़ान’ कार्यक्रम के जरिए युवाओं को शिक्षा और खेल के साथ-साथ कौशल विकास, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के साथ कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।




