कलेक्टर का औचक निरीक्षण: निर्माणाधीन जिला अस्पताल और नर्सिंग कॉलेज पर सख्ती, काम में तेजी के निर्देश

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कोरिया : जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर प्रशासन ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की निगरानी तेज कर दी है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने बुधवार को निर्माणाधीन जिला अस्पताल कंचनपुर और नवीन बीएससी नर्सिंग महाविद्यालय के लिए चयनित भवन का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों व निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों से मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और निर्धारित समय-सीमा के भीतर काम पूरा किया जाए।

निर्माण में तेजी लाने के निर्देश

कलेक्टर ने सीजीएमएससी के इंजीनियर और ठेकेदार से निर्माण की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए कहा कि दोनों परियोजनाएं जिले के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में काम को पूरी गंभीरता के साथ आगे बढ़ाया जाए।

उन्होंने निर्माण एजेंसी को आवश्यक संसाधन और श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर कार्य में अपेक्षित तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

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निर्माण सामग्री और गुणवत्ता की जांच

औचक निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण के विभिन्न चरणों और तकनीकी मानकों की भी जानकारी ली।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और निर्धारित तकनीकी मानकों व गुणवत्ता संबंधी मापदंडों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं होना चाहिए।

तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनें तत्काल दूर करने के निर्देश

कलेक्टर ने निर्माण कार्य से जुड़ी किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक समस्या का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए, ताकि काम की गति प्रभावित न हो। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण की प्रगति की लगातार समीक्षा और निगरानी करने को कहा।

उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल और बीएससी नर्सिंग महाविद्यालय के निर्माण से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ नर्सिंग शिक्षा के लिए भी बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध होगी। इसलिए दोनों परियोजनाओं में समय-सीमा और गुणवत्ता, दोनों पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

ये अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. आयुष जायसवाल, बीएससी नर्सिंग महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्या श्रीमती नीरजा, सीजीएमएससी के इंजीनियर, ठेकेदार सहित स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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