पितृ पक्ष की दशमी आज, पुष्य नक्षत्र का भी संयोग; जानें धन, तरक्की और सुख-शांति के लिए खास उपाय

Spread the love

पितृ पक्ष में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने की परंपरा है। आज यानी 5 अक्टूबर, सोमवार को दशमी तिथि का श्राद्ध किया जाएगा। मान्यता के अनुसार, जिन पूर्वजों का निधन किसी भी महीने के शुक्ल या कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को हुआ हो, उनका श्राद्ध इसी तिथि पर किया जाता है।

दशमी तिथि सोमवार को देर रात 2 बजकर 8 मिनट तक रहेगी। वहीं सोमवार को रात 11 बजकर 10 मिनट तक पुष्य नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। ऐसे में सोमवार, पुष्य नक्षत्र और पितृ पक्ष की दशमी तिथि के इस संयोग को धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है।

मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान कुछ विशेष उपाय करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं आचार्य इंदु प्रकाश द्वारा बताए गए इन उपायों के बारे में।

1. पितरों के निमित्त करें तर्पण

धार्मिक मान्यता के अनुसार, यदि आसपास किसी महावत के घर हाथी हो तो सोमवार के दिन हाथी की परछाई वाले स्थान पर बैठकर पितरों के निमित्त तर्पण किया जा सकता है। ऐसा संभव न हो तो श्राद्ध स्थल पर मिट्टी से बनी हाथी की प्रतिमा रखकर श्राद्ध कर्म करने की परंपरा बताई गई है।

2. परीक्षा और मेहनत में सफलता के लिए

अगर मेहनत के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहे हैं या परीक्षा के समय चीजें याद नहीं रहतीं, तो धार्मिक उपाय के तौर पर चांदी का चौकोर टुकड़ा अपने पास रखने की सलाह दी गई है।

3. पितरों की शांति के लिए खीर का उपाय

पितरों की संतुष्टि और आशीर्वाद की कामना के लिए सोमवार को स्नान आदि के बाद दूध-चावल की खीर बनाने की मान्यता है। इसके बाद गोबर के उपले की कोर बनाकर उस पर खीर से पितरों के निमित्त आहुति देने और उसके बाईं ओर जल अर्पित करने का उपाय बताया गया है।

4. कमर दर्द से जुड़े उपाय

धार्मिक मान्यता के अनुसार, कमर संबंधी परेशानी से राहत की कामना के लिए विधारा की जड़ का छोटा टुकड़ा ताबीज में रखकर कमर में बांधने की सलाह दी गई है। यदि कमर में बांधना संभव न हो तो इसे गले में पहनने की बात कही गई है।

ये भी पढ़े :सोमवार को दशमी श्राद्ध और पुष्य नक्षत्र का योग, जानिए कौन-से उपाय बदल सकते हैं भाग्य

5. घर की अनबन दूर करने के लिए

अगर परिवार के सदस्यों के बीच बार-बार विवाद या मनमुटाव रहता है, तो सोमवार को मंदिर जाकर भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करने की मान्यता है। इसके साथ किसी जरूरतमंद व्यक्ति को एक कटोरी चावल दान करने का उपाय भी बताया गया है।

6. दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ाने के लिए

पति-पत्नी के बीच लगातार तनाव या खींचतान बनी रहती है तो सोमवार को थोड़ा दूध लेकर उसमें एक चुटकी शक्कर मिलाकर कुएं में अर्पित करने का उपाय बताया गया है। कुआं उपलब्ध न होने पर घर के बाहर कच्ची मिट्टी में दूध डालकर उसके ऊपर थोड़ी मिट्टी डालने की बात कही गई है।

7. इंटरव्यू में सफलता के लिए

यदि सोमवार को किसी बड़ी या मल्टीनेशनल कंपनी में इंटरव्यू देने जा रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले दर्पण में अपना चेहरा देखने और भगवान शिव से सफलता की प्रार्थना करने का उपाय बताया गया है।

8. तरक्की के लिए बनाएं पंचामृत

करियर में तरक्की और सफलता की कामना के लिए सोमवार को अपने हाथों से पंचामृत तैयार करने की धार्मिक मान्यता है। इसके लिए दूध, दही, शहद, गंगाजल और थोड़ी शक्कर मिलाकर पंचामृत बनाएं। इसके बाद भगवान शिव को भोग लगाकर तरक्की की प्रार्थना करने की बात कही गई है।

9. सफलता की राह में आ रही बाधाओं के लिए

अगर कामयाबी की राह में लगातार रुकावटें आ रही हैं तो सोमवार को शिव मंदिर में शिवलिंग पर लगातार जलधारा गिरने वाली जल व्यवस्था स्थापित करने का उपाय बताया गया है। इसे धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का एक माध्यम माना जाता है।

10. प्रेम विवाह की बाधा दूर करने के लिए

यदि प्रेम विवाह में किसी तरह की अड़चन आ रही है तो सोमवार को पुष्य नक्षत्र के दौरान पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने की मान्यता है। इसके साथ शनिदेव के मंत्र ‘शं ह्रीं शं शनैश्चराय नमः’ का जाप करने का उपाय बताया गया है।

दशमी श्राद्ध का क्या है महत्व?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, जिस तिथि को किसी व्यक्ति का निधन हुआ हो, उसी तिथि पर उसका श्राद्ध करना महत्वपूर्ण माना जाता है। पितृ पक्ष में किया गया श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता प्रकट करने का माध्यम माना जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *