दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: 10 हजार छात्रों के लिए बनेंगे हॉस्टल, किसी भी कॉलेज-यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी ले सकेंगे सुविधा

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नई दिल्ली : दिल्ली में पढ़ाई करने वाले हजारों विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। दिल्ली सरकार ने 10 हजार छात्रों के लिए छात्रावास बनाने का फैसला किया है। खास बात यह है कि इन छात्रावासों का लाभ दिल्ली के किसी एक संस्थान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राजधानी के किसी भी विश्वविद्यालय या महाविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थी यहां रह सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने सरकार की इस योजना की जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली को बड़े शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कॉलेज और विश्वविद्यालयों के साथ छात्रावास की जरूरतों को पूरा करना भी जरूरी है। देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी दिल्ली पढ़ने आते हैं, लेकिन दाखिला मिलने के बाद उन्हें रहने के लिए किफायती और सुरक्षित जगह तलाशने में परेशानी होती है।

10 हजार विद्यार्थियों के लिए बनेगा छात्रावास

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार ने 10,000 बच्चों के लिए सरकारी छात्रावास बनाने का निर्णय लिया है। इन छात्रावासों में विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ-साथ किफायती आवास की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि छात्रावास लड़कियों और लड़कों दोनों के लिए बनाए जाएंगे। दिल्ली के किसी भी विश्वविद्यालय या महाविद्यालय में पढ़ने वाला विद्यार्थी इन सुविधाओं का लाभ ले सकेगा।

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स्थान चिन्हित, नीति तैयार करने की प्रक्रिया शुरू

सरकार ने छात्रावास निर्माण के लिए संबंधित विभागों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं। संभावित स्थानों को चिन्हित किया जा चुका है और छात्रावासों के संचालन एवं सुविधाओं को लेकर नीति तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

सरकार का कहना है कि छात्रावासों में विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उद्देश्य यह है कि बाहर से दिल्ली आने वाले अभिभावक अपने बच्चों को सुरक्षित माहौल में रख सकें और विद्यार्थियों को रहने तथा भोजन की चिंता से मुक्त होकर अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिले।

सत्य निकेतन हादसे के बाद सुरक्षा पर बढ़ा फोकस

दिल्ली सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने की घटना में सात लोगों की मौत हो गई थी। जिस इमारत में हादसा हुआ था, वहां पीजी संचालित किया जा रहा था और कई छात्र रह रहे थे।

घटना के बाद दिल्ली सरकार और नगर निगम ने अवैध एवं नियमों का उल्लंघन कर संचालित की जा रही इमारतों के खिलाफ अभियान चलाया था। इस कार्रवाई के दौरान कई संपत्तियों पर कार्रवाई की गई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में एमसीडी की कार्रवाई के दौरान 41 स्थानों पर बुलडोजर चलाया गया और 61 संपत्तियों को सील किया गया था।

ऐसे में नए सरकारी छात्रावासों में सुरक्षा मानकों और विद्यार्थियों की सुविधाओं पर विशेष जोर दिए जाने की उम्मीद है।

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