रायपुर : छत्तीसगढ़ के कथित कस्टम मिलिंग घोटाला मामले में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड पूरी होने के बाद मंगलवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
करीब 140 करोड़ रुपये की कथित अवैध वसूली से जुड़े इस मामले में ईडी ने रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी को उनसे पूछताछ के लिए पांच दिन की कस्टडी रिमांड मिली थी। रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद उन्हें दोबारा अदालत में पेश किया गया, जहां से अब उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इस मामले में ईडी पहले ही आरोप-पत्र दाखिल कर चुकी है। एजेंसी के मुताबिक, पूर्व में रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ नहीं हो पाई थी। गिरफ्तारी से पहले रायपुर जेल में भी उनसे तीन दिनों तक पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
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क्या है कस्टम मिलिंग घोटाला?
यह मामला खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में धान की कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलर्स को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि से जुड़ा है। उस दौरान प्रोत्साहन राशि 40 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपये प्रति क्विंटल की गई थी।
जांच एजेंसी के आरोपों के मुताबिक, इस राशि के भुगतान से जुड़े कथित नेटवर्क के जरिए राइस मिलर्स से दो किस्तों में 20-20 रुपये प्रति क्विंटल की वसूली की गई। आरोप है कि इस तरह जुटाई गई रकम का इस्तेमाल पार्टी फंड के लिए किया जाना था। इन आरोपों की जांच ईडी कर रही है।
ईडी इस मामले में वर्ष 2024 में ही अदालत में आरोप-पत्र दाखिल कर चुकी है। अब रामगोपाल अग्रवाल को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजे जाने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।




