स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय अवकाश पर सिनेमाघरों में जबरदस्त रौनक देखने को मिली, जहां इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ और सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ के बीच सीधी व्यावसायिक टक्कर देखने को मिल रही है। 14 अगस्त को रिलीज हुई इन दोनों ही बड़ी फिल्मों को स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी का भरपूर फायदा मिला है और दूसरे दिन दोनों के कलेक्शन में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 19 साल पुरानी कल्ट क्लासिक फिल्म का सीक्वल होने के कारण ‘आवारापन 2’ को लेकर दर्शकों में जबरदस्त दीवानगी है, वहीं दूसरी ओर सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ भी बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है। हालांकि शुरुआती दो दिनों के आंकड़ों की तुलना करें तो इमरान हाशमी की फिल्म कमाई के मामले में काफी आगे निकलती दिख रही है।

बॉक्स ऑफिस कलेक्शन: ‘आवारापन 2’ बनाम ‘बंटवारा 1947’
आवारापन 2: पहले दिन ₹22 करोड़ की शानदार ओपनिंग के बाद दूसरे दिन फिल्म ने बढ़त बनाते हुए ₹25.76 करोड़ का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म का दो दिनों का कुल नेट कलेक्शन ₹47.76 करोड़ तक पहुंच गया है। शनिवार को फिल्म ने ₹56.80 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन दर्ज किया, जो इसकी मजबूत पकड़ को दर्शाता है।
बंटवारा 1947: सनी देओल स्टारर इस फिल्म ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने दूसरे दिन ₹10.15 करोड़ का नेट कलेक्शन हासिल किया। इसके साथ ही फिल्म का दो दिनों का कुल नेट कलेक्शन ₹15 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है, जबकि इसका ग्रॉस कलेक्शन ₹18.82 करोड़ तक पहुंच चुका है।
अन्य फिल्में: इस मुकाबले के बीच हॉलीवुड की ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ ने 15 अगस्त को ₹5.20 करोड़ और साउथ की ‘डीसी: द ब्लडी वैलेंटाइन’ ने ₹2.53 करोड़ का कारोबार किया।
स्वतंत्रता दिवस पर कमाई के ऐतिहासिक आंकड़े
भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 15 अगस्त की तिथि ऐतिहासिक रूप से बेहद फायदेमंद रही है। इस खास दिन पर सबसे ज्यादा कमाई करने का रिकॉर्ड आज भी ‘गदर 2’ के नाम दर्ज है, जिसने ₹55.40 करोड़ का विशाल कलेक्शन किया था। इसके बाद दूसरे स्थान पर ‘स्त्री 2’ (₹51.80 करोड़) और तीसरे स्थान पर ‘वॉर 2’ (₹45 करोड़) मौजूद हैं। चौथे और पांचवें पायदान पर क्रमशः ‘एक था टाइगर’ (₹32.93 करोड़) और ‘सिंघम रिटर्न्स’ (₹32.10 करोड़) काबिज हैं।
‘आवारापन 2’ का मुख्य कथानक
फिल्म की कहानी शिवम पंडित (इमरान हाशमी) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बैंकॉक में जानलेवा हमले में छह गोलियां लगने के बाद भी जीवित बच जाता है और भारत लौटकर अपनी पहचान छिपाकर रहने लगता है। एक दिन श्मशान भूमि में उसे एक लावारिस नवजात बच्ची मिलती है, जिसे वह अनाथालय सौंपकर ‘आलिया’ नाम देता है। बाद में जब आलिया को गोद लेने वाला परिवार मानव तस्करी के धंधे में शामिल निकलता है और बच्ची को विदेश बेच दिया जाता है, तो शिवम उसे बचाने के लिए दोबारा बैंकॉक की ओर रुख करता है।
बैंकॉक पहुंचकर शिवम आलिया की तलाश में जोरावर (पूरन गब्बी) के आपराधिक गिरोह में शामिल होता है। जोरावर का गैंग अपनी प्रतिद्वंद्वी नफीसा (शबाना आजमी) के साथ खूनी रंजिश में उलझा हुआ है। इसी अपराध और गैंगवार के बीच शिवम को जोरावर की बहन जाहरा (दिशा पाटनी) से प्रेम हो जाता है, जो पूरी कहानी को एक नया मोड़ देता है।






