स्वतंत्रता दिवस 2026: PM मोदी का बड़ा संदेश- ‘छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा’, विकसित भारत के लिए गिनाईं 12 साल की उपलब्धियां

Spread the love

80 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किले से भाषण दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने भाषण की शुरुआत वंदे मातरम् और तिरंगे के जिक्र से की। उन्होंने कहा कि आज हर दिल में वंदे मातरम गूंज रहा है, हर घर में तिरंगा है और हर मन में तिरंगा बस गया है। देश नए संकल्पों और उत्साह के साथ आगे बढ़ रहा है। यह दिन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि स्वतंत्रता के बाद पहली बार 15 अगस्त को लाल किले से वंदे मातरम गूंजा। इस साल वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने का भी अवसर है।

पीएम ने महात्मा गांधी सहित सभी स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को नमन किया, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ कुर्बान किया। पीएम के भाषण का सबसे बड़ा संदेश बड़े सपने देखने का था। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि अब छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा। बड़े सपने सोच का विस्तार करते हैं, क्षितिज को चौड़ा करते हैं और प्रगति की गति बढ़ाते हैं। जब संकल्प दृढ़ होता है तो संभावनाएं खुद रास्ता बना लेती हैं।

बड़े सपने देखें- पीएम मोदी

पीएम ने भारत ने एक बहुत बड़ा सपना देखा है- 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर विकसित भारत बनाना। यह लक्ष्य 140 करोड़ देशवासियों के सामूहिक प्रयास, परिश्रम और भागीदारी से ही पूरा होगा। जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश विकसित होने का संकल्प लेता है तो यह हमारे साहस का परिचय बनता है और दुनिया हमारा दृष्टिकोण बदलने को मजबूर होती है।

ये भी पढ़े :दीपक जलाते समय रखें खास ध्यान! पूजा के बीच अचानक बुझ जाए तो क्या करें, जानें शुभ-अशुभ संकेत

12 साल की उपलब्धियां बताईं

पीएम ने पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों का जिक्र किया। कभी भारत को ‘फ्रैजाइल फाइव’ में गिना जाता था, लेकिन आज वह दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन चुका है। 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प को अब कोई रोक नहीं सकता। इन 12 वर्षों में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए। रक्षा उत्पादन चार गुना, खादी और ग्रामोद्योग पांच गुना, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सात गुना, रेलवे कोच निर्माण 21 गुना और मोबाइल फोन उत्पादन 33 गुना बढ़ा। इंटरनेट यूजर्स चार गुना और डिजिटल ट्रांजेक्शन 100 गुना बढ़े। सोलर एनर्जी क्षमता 2 गीगावॉट से बढ़कर 160 गीगावॉट हो गई। पाइप गैस कनेक्शन वाले शहर 70 से 700 हो गए और घरों की संख्या भी काफी बढ़ी।

आत्मनिर्भर भारत पर विशेष जोर

पीएम के भाषण में आत्मनिर्भर भारत पर विशेष जोर दिया गया। पीएम ने कहा कि अब भारत दूसरे देशों पर निर्भर रहकर नहीं चल सकता। मेक इन इंडिया, स्वदेशी और लोकल फॉर लोकल के जरिए क्षमताएं बढ़ानी होंगी। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तीन बड़े प्लांट स्थापित हो चुके हैं और उनसे निर्यात शुरू हो गया है। अगले 7-8 वर्षों में पांच से आठ और प्लांट लगेंगे। ऊर्जा सुरक्षा के लिए न्यूक्लियर पावर क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है (स्रोतों के अनुसार 100 या 200 गीगावॉट तक)। इस दशक में पांच नए न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू करने की योजना है। हाइड्रोजन ट्रेन का भी जिक्र किया गया।

सप्त धारा के जरिए विकास 

पीएम ने सप्त धारा (सात शक्ति धाराओं) का आह्वान किया। इनमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, तकनीक, गति शक्ति, रक्षा, ग्रीन इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अगले पांच-सात वर्षों में वह काम पूरा करना है, जो पिछले पांच-सात दशकों में नहीं हो सका। मैन्युफैक्चरिंग को वैश्विक सप्लाई चेन का हब बनाना है। लागत, गुणवत्ता और स्केल पर ध्यान देना होगा। 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते हो चुके हैं, जिससे छोटे उद्योग, किसान और मछुआरों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। युवा शक्ति को विकसित भारत का सबसे बड़ा इंजन बताया गया। एक करोड़ युवाओं को AI स्किल ट्रेनिंग देने का संकल्प भी व्यक्त किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *