विधायक दीपेश साहू के निवास कार्यालय में श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया कमरछठ पर्व

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बड़ी संख्या में माताओं-बहनों ने पूजा-अर्चना में लिया हिस्सा, संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना

बेमेतरा टेकेश्वर दुबे : पवित्र कमरछठ (हलषष्ठी) पर्व के अवसर पर बेमेतरा विधायक दीपेश साहू के निवास कार्यालय में श्रद्धा, आस्था और भक्तिभाव के साथ कमरछठ पूजा कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में क्षेत्र की बड़ी संख्या में माताएं एवं बहनें शामिल हुईं और विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना कर अपनी संतानों की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कमरछठ पर्व माताओं की ममता, त्याग और संतान के प्रति अटूट प्रेम का प्रतीक माना जाता है। कार्यक्रम के दौरान माताओं-बहनों ने भगवान श्रीकृष्ण, बलराम (दाऊजी) एवं हलषष्ठी माता की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की। पारंपरिक पूजन सामग्री अर्पित कर माताओं ने व्रत एवं पूजा के माध्यम से अपनी संतानों के सुखद एवं स्वस्थ जीवन की मंगलकामना की। इस दौरान पूजा स्थल पर भक्तिमय एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।

विधायक दीपेश साहू ने दी कमरछठ पर्व की शुभकामनाएं

कार्यक्रम के दौरान विधायक दीपेश साहू ने उपस्थित माताओं एवं बहनों को कमरछठ पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कमरछठ हमारी आस्था, परंपरा और मातृशक्ति के त्याग एवं समर्पण का पावन पर्व है। माताएं अपनी संतानों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखद भविष्य के लिए श्रद्धापूर्वक व्रत रखकर पूजा-अर्चना करती हैं। माताओं की ममता और त्याग हमारे समाज की सबसे बड़ी ताकत है।

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विधायक साहू ने कहा कि हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराएं हमें अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़ने का कार्य करती हैं। ऐसे आयोजन आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कमरछठ के इस पावन अवसर पर सभी माताओं की मनोकामनाएं पूर्ण होने तथा प्रत्येक परिवार में सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

कार्यक्रम के दौरान विधायक दीपेश साहू ने सभी माताओं-बहनों का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। इस अवसर पर विधायक की धर्मपत्नी तरुणा साहू, रश्मि शर्मा, सावित्री रजक, ममता साहू, निधि दुबे सहित बड़ी संख्या में माताएं-बहनें उपस्थित रहीं।

श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ यह आयोजन कमरछठ पर्व की धार्मिक आस्था, मातृशक्ति और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का सुंदर प्रतीक रहा।

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