कवर्धा : छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 69.37 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बंद पड़ी एलआईसी पॉलिसी की रकम वापस दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से लाखों रुपये ठगने के आरोप में पुलिस ने दिल्ली से मोहम्मद जैद खान (37) को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग (NCDRC) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का अधिकारी बनकर पीड़ित को झांसे में लेने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर करीब एक साल तक पीड़ित से संपर्क बनाए रखा और पॉलिसी की रकम वापस दिलाने, अलग-अलग संस्थाओं से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त कराने तथा न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर किस्तों में पैसे जमा करवाए।
एक साल में 69.37 लाख रुपये की ठगी
मामले की शुरुआत 7 अक्टूबर 2026 को हुई, जब पीड़ित ने साइबर पुलिस थाना कबीरधाम में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, अज्ञात लोगों ने खुद को NCDRC और RBI का अधिकारी बताकर बंद पड़ी एलआईसी पॉलिसी में जमा रकम वापस दिलाने का भरोसा दिया।
आरोपियों ने पॉलिसी की रकम रिकवर कराने और विभिन्न औपचारिकताओं के नाम पर पीड़ित से नवंबर 2025 से अक्टूबर 2026 के बीच अलग-अलग किस्तों में कुल 69,37,518 रुपये ऑनलाइन जमा कराए। शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
बैंक खातों के लेन-देन से दिल्ली तक पहुंची पुलिस
ठगी की बड़ी रकम को देखते हुए पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार और अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा पर्यवेक्षण अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार कौशिक एवं उप पुलिस अधीक्षक प्रशांत देवांगन के दिशा-निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई।
निरीक्षक उमाशंकर राठौर के नेतृत्व में साइबर पुलिस टीम ने बैंक खातों के लेन-देन और आधुनिक साइबर तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी की पहचान की। जांच में मोहम्मद जैद खान, निवासी जामिया नगर, दिल्ली की संलिप्तता सामने आई।
आरोपी की लोकेशन दिल्ली-एनसीआर में मिलने के बाद पुलिस टीम वहां पहुंची। स्थानीय पुलिस की मदद से सघन आबादी वाले इलाके में लगातार पांच दिनों तक तलाश की गई। इसके बाद मोहम्मद जैद खान को हिरासत में लेकर विधिवत गिरफ्तार किया गया।
बीमा कंपनी में काम करता है आरोपी, सहयोगी के साथ मिलकर बनाता था निशाना
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद जैद खान पिता जियाउद्दीन खान, उम्र 37 वर्ष, जामिया नगर, दिल्ली का निवासी है और एक लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में काम करता है। पूछताछ में सामने आया कि वह अपने पूर्व परिचित और बीमा कंपनी में कार्यरत एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर बंद पड़ी बीमा पॉलिसियों की रकम वापस दिलाने अथवा उन्हें दोबारा चालू कराने के नाम पर लोगों से संपर्क करता था।
आरोप है कि गिरोह के सदस्य खुद को NCDRC और RBI का अधिकारी बताकर लोगों का विश्वास जीतते थे। इसके बाद NOC, न्यायालयीन प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर अलग-अलग किस्तों में रकम जमा कराई जाती थी। पुलिस के मुताबिक, ठगी के लिए फर्जी बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जाता था।
दूसरे आरोपी की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान मोहम्मद जैद खान ने अपने सहयोगी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। हालांकि, मामले में शामिल दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जांच और तलाश जारी है।
कबीरधाम साइबर पुलिस के अनुसार, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में अब तक पांच मुख्य साइबर आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इन पुलिसकर्मियों का रहा योगदान
इस कार्रवाई में निरीक्षक उमाशंकर राठौर के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक चंद्रकांत तिवारी, प्रधान आरक्षक चुम्मन साहू, प्रधान आरक्षक अभिनव तिवारी, आरक्षक आकाश राजपूत, आरक्षक मोहम्मद इरफान, आरक्षक मनीष कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मियों का योगदान रहा।




