दुर्ग : आगामी त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों को देखते हुए दुर्ग जिला प्रशासन ने नगरीय क्षेत्रों में पंडाल एवं अस्थाई संरचनाओं के निर्माण को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, बिजली व्यवस्था और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आयोजकों के लिए कई नियम तय किए हैं।
मंगलवार को कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टरेट सभा कक्ष में नगरीय निकायों के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल भी मौजूद रहे।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शहर के प्रमुख मार्गों को लेकर पहले जारी किए गए प्रतिबंधात्मक आदेशों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।
BSP की जमीन पर आयोजन के लिए लिखित अनुमति जरूरी
भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) की भूमि पर किसी भी आयोजन की अनुमति देने से पहले BSP प्रबंधन से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
वहीं नगरीय निकायों द्वारा आयोजन के क्षेत्रफल के आधार पर निर्धारित शुल्क लिया जाएगा। शुल्क की जानकारी कलेक्टर कार्यालय को उपलब्ध कराने के साथ ही दरों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।
इसके अलावा किसी भी आयोजन की अनुमति देने से पहले पुलिस विभाग का अभिमत लेना अनिवार्य किया गया है, ताकि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
जमा करनी होगी अग्रिम सुरक्षा निधि
सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान या विरूपण से बचाने के लिए आयोजकों से अग्रिम सुरक्षा निधि ली जाएगी।
5,000 वर्ग फीट तक: ₹10,000
5,000 वर्ग फीट से अधिक: ₹2 प्रति वर्ग फीट की दर से
आयोजन खत्म होने के करीब एक सप्ताह बाद स्थल निरीक्षण और पंचनामा के बाद यदि कोई नुकसान नहीं पाया जाता है तो सुरक्षा निधि वापस कर दी जाएगी।
आयोजन स्थल पर अग्निशामक यंत्र, रेत और पर्याप्त पानी की व्यवस्था रखना भी अनिवार्य होगा।
महिला-पुरुष शौचालय भी जरूरी
आयोजकों को अनुमानित भीड़ के आधार पर महिला और पुरुषों के लिए पर्याप्त शौचालय की व्यवस्था करनी होगी। यदि आयोजक यह व्यवस्था नहीं करते हैं तो नगरीय निकाय निर्धारित शुल्क लेकर इसकी व्यवस्था कर सकेगा।
8 CCTV कैमरे अनिवार्य
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 5,000 वर्ग फीट तक के आयोजन में कम से कम 8 CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य होगा।
बड़े आयोजनों में क्षेत्रफल के अनुपात में अतिरिक्त CCTV लगाए जाएंगे। कैमरों में कम से कम 3 दिन की रिकॉर्डिंग का बैकअप होना चाहिए।
CCTV की कवरेज में प्रमुख रूप से प्रवेश, निकास, पार्किंग, मूर्ति स्थल और मनोरंजन क्षेत्र शामिल होने चाहिए।
बिजली कनेक्शन के लिए भी नियम
आयोजन के लिए बिजली कंपनी अथवा BSP विद्युत विभाग से NOC और अस्थाई बिजली कनेक्शन लेना जरूरी होगा। अस्थाई कनेक्शन में मीटर की व्यवस्था भी अनिवार्य होगी।
सुरक्षा निधि वापस लेने से पहले संबंधित विभाग से नो-ड्यूज प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।
कुल जगह का 50% हिस्सा पार्किंग के लिए
त्योहारों के दौरान होने वाली पार्किंग समस्या को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा नियम लागू किया है। आवेदित कुल स्थल का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा पार्किंग के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य होगा।
साथ ही पार्किंग के नाम पर किसी तरह का अवैध शुल्क नहीं वसूला जा सकेगा।
झूले और ऊंची झांकियों के लिए सुरक्षा प्रमाणपत्र
झूलों, मनोरंजन उपकरणों और 15 फीट से अधिक ऊंची झांकियों या गुफाओं के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) अथवा संबंधित नगरीय निकाय के इंजीनियर से तकनीकी सुरक्षा प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा।
रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बंद
प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा।
इसके अलावा आयोजन स्थल और विसर्जन यात्रा के मार्ग के आसपास पटाखे एवं आतिशबाजी का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
जबरन चंदा वसूली पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूजा के लिए लिया जाने वाला चंदा पूरी तरह स्वैच्छिक होगा। चंदा लेने पर आयोजकों को अनिवार्य रूप से रसीद देनी होगी।
यदि जबरन चंदा वसूली की शिकायत मिलती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




