रायपुर/बिलासपुर : केन्द्र सरकार की महत्वाकांछी योजना पीएम सूर्य घर में लापरवाही बरतना 4 बिजली अधिकारियों को महंगा पड़ गया है. उनके द्वारा पीएम सूर्य घर का प्लांट स्टॉल होने के बाद भी सिंकोनाइज करने में बेहवजह विलंब किया गया है.इसलिए विद्युत वितरण कंपनी के मुख्य अभियंता ए. के. अंबष्ट ने चार एई को शोकॉज नोटिस जारी किया है.पीएम सूर्य घर योजना में सरकार का उद्देश्य लोगों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करना है. इसके लिए लोगों को अपने मकानों के छत पर एक किलोवॉट से आवश्यकतानुसार अधिक क्षमता का सोलर पैनल लगाना होता है. इसमें उपभोक्ताओं को एक किलोवॉट पर 30,000 रूपए तक की सब्सीडी दी जाती है.
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इस योजना का सोलर प्लांट लगाने के बाद विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को उसका सिकोनाइज करना होता है. इसके लिए अधिकारियों के पास एक सप्ताह का समय होता है. पीएम सूर्य घर योजना में सोलर प्लांट लगने के बाद चार सहायक अभियंता (एईर) ने गंभीर लापरवाही की. जिसके कारण बीस दिनों तक मामला लटका रहा. इसकी जानकारी होने पर विद्युत वितरण कंपनी के मुख्य अभियंता ए. के. अंबष्ट ने पीएम सूर्य घर योजना में लापरवाही बरतने वाले चार सहायक अभियंताओं को शोकॉज नोटिस जारी किया है. इसमें गोल बाजार जोन के एई प्रिता देवी एक्का, सकरी एई योगेश साहू, मुंगेली जोन के प्रभारी एई ऋषि तिवारी और कोटा शहर के एई विरेन्द्र पाल यादव शामिल है. अब उनका जवाब मिलने के बाद उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी.
बिना टेंडर कनेक्शन देने वाले एई को नोटिस
वहीं मुख्य अभियंता ए. के. अंबष्ट ने बिना टेंडर एस ब्रिक्स कंपनी को ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली कनेक्शन देने वाले मस्तूरी के तत्कालीन सहायक अभियंता नरपाल सिंह पंकज को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है. इसमें एई ने मल्हार वितरण केंद्र के ग्राम बकरकुदा में ठेकेदार मेसर्स श्रीराम एनर्जी प्रोपराइटर हर्ष चंद्रा के साथ मिलकर एस ब्रिक्स एंड मैटेरियल्स को कंपनी के नियमों को ताक पर रखकर बिजली कनेक्शन दे दिया था.
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